



ग्राम सेतु ब्यूरो.
राजस्थान दिवस कार्यक्रम श्रृंखला के तहत 26 मार्च को बीकानेर में आयोजित किसान सम्मेलन और किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) कार्यक्रम में किसानों की उमंग और उत्साह देखते ही बन रहा था। तपती धूप और कड़कती सर्दी में भी खेतों में डटे रहने वाले किसानों को इस सम्मेलन में बड़ी सौगातें मिलीं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस मौके पर कहा, ‘अन्नदाता किसान देश और प्रदेश की आत्मा है। अगर किसान विकसित होगा तो देश और प्रदेश भी समृद्ध और खुशहाल होंगे।’ मुख्यमंत्री ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि राजस्थान सरकार सिर्फ कृषि विकास ही नहीं बल्कि कृषि गौरव का सपना देख रही है। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) से जुड़कर खेती में नवाचार अपनाएं और खुद को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएं। शर्मा ने सभी को राजस्थान दिवस और भारतीय नववर्ष विक्रम संवत 2082 की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस बार से राजस्थान सरकार ने चौत्र शुक्ल प्रतिपदा पर राजस्थान दिवस मनाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा, ‘हम चाहते हैं कि प्रदेशवासी इस दिन को पूरे हर्षाेल्लास से मनाएं और अपनी समृद्ध संस्कृति व गौरवशाली परंपराओं को आगे बढ़ाएं।’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘यह कार्यक्रम किसानों के सम्मान को समर्पित है। किसान सिर्फ फसल नहीं उगाते, बल्कि वे जीवन की नींव रखते हैं। किसानों की मेहनत और समर्पण ने भारत को खाद्य सुरक्षा में आत्मनिर्भर बनाया है। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, ‘तपती धूप हो, कड़कती सर्दी हो या बारिश की बौछार, किसान हर मौसम में खेतों में खड़ा रहता है। उसका यह त्याग और समर्पण वंदनीय है।’ इस कार्यक्रम में राजस्थान किसान आयोग के अध्यक्ष सी.आर. चौधरी, विधायक सिद्धि कुमारी, डॉ. विश्वनाथ मेघवाल, ताराचंद सारस्वत, अंशुमान सिंह भाटी और जेठानंद व्यास सहित बड़ी संख्या में किसान और आमजन उपस्थित रहे। वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से विभिन्न जिलों से हजारों किसान इस कार्यक्रम से जुड़े और मुख्यमंत्री के संबोधन को सुना।

किसानों को मिली सौगातों की झड़ी
बीकानेर में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में 30,000 किसानों को 137 करोड़ रुपये का अनुदान हस्तांतरित किया गया। साथ ही, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि में वृद्धि के साथ मुख्यमंत्री थार सीमा क्षेत्र विकास कार्यक्रम के नए दिशा-निर्देश भी जारी किए गए। इसके अलावा, मंगला पशु बीमा योजना में लाभार्थियों का दायरा बढ़ाने की घोषणा भी की गई। इस योजना के तहत 20 लाख से अधिक पशुओं का बीमा किया गया है। पशुधन निशुल्क आरोग्य योजना में उपलब्ध औषधियों और टीकों की संख्या भी बढ़ाकर 200 कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऑर्गेनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए बैल से खेती करने पर 30,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके साथ ही पीएमएफएमई योजना के तहत तीन एफपीओ को अनुदान और एक एफपीओ को शेयर मनी का चेक भी वितरित किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मानना है कि लघु और सीमांत किसानों को लाभ की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाए। इसके लिए एफपीओ (किसान उत्पादक संगठन) एक बड़ी पहल है।

एफपीओ के माध्यम से किसान सामूहिक रूप से काम कर सकते हैं, जिससे उन्हें कृषि अनुदान, सस्ते बीज और फसल का उचित मूल्य मिलता है। राज्य सरकार किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए एफपीओ को प्रोत्साहित कर रही है। शर्मा ने कहा, ‘किसान जब संगठित होंगे, तो उनकी ताकत बढ़ेगी और वे बाज़ार में अपनी उपज का सही मूल्य प्राप्त कर सकेंगे।’ मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार किसानों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि 10,000 एफपीओ का गठन किया गया है और प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत राजस्थान में 72 लाख से अधिक किसानों को 1,400 करोड़ रुपये से अधिक की राशि हस्तांतरित की गई है। इसके अलावा, 47 लाख किसानों को 29,000 करोड़ रुपये का अल्पकालीन ब्याज मुक्त फसली ऋण और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 3,000 करोड़ रुपये से अधिक का बीमा क्लेम वितरित किया गया है।
पशुपालकों के लिए राहतभरी घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने मंगला पशु बीमा योजना के तहत 20 लाख से अधिक पशुओं का पंजीकरण और पशुधन निशुल्क आरोग्य योजना के तहत निशुल्क औषधियां और टीके उपलब्ध कराने की घोषणा की। मोबाइल वेटनरी सेवा 1962 प्रारंभ करने और राजस्थान सहकारी गोपाल क्रेडिट कार्ड ऋण योजना के तहत 34,000 से अधिक पात्र गोपालकों के ऋण स्वीकृति जैसे फैसलों से पशुपालकों को बड़ी राहत मिली है।

किसानों को दिन में बिजली देने का वादा
शर्मा ने कहा, ‘मैंने खुद खेती का हर काम किया है और किसानों की समस्या को भली-भांति समझता हूं।’ उन्होंने आश्वासन दिया कि 2027 तक किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार ने 35,000 करोड़ रुपये के एमओयू साइन किए हैं और ईआरसीपी, यमुना जल समझौता, देवास परियोजना जैसे निर्णयों से किसानों को पेयजल और सिंचाई के लिए पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
युवाओं के लिए रोजगार के अवसर
मुख्यमंत्री ने युवाओं से मेहनत करने का आह्वान करते हुए कहा, ‘हम लगातार भर्तियां कर रहे हैं और नियुक्ति पत्र देकर युवाओं के सपनों को साकार कर रहे हैं।’ इस अवसर पर एफपीओ पर आधारित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया और राज्य स्तरीय किसान उत्पादक संगठन मेले का भी उद्घाटन हुआ। मुख्यमंत्री ने एफपीओ ट्री नवाचार मॉडल की सराहना करते हुए कहा कि यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बन सकता है।

