रूंख भायलाराजी राखै रामजी ! आज बात लक्खणां रै लाडां री। कम तो लक्खणां री लाड्यां ई...
हेत री हथाई
रूंख भायलाराजी राखै रामजी ! आज बात बिधना री, बिधना रै रंगां री। रंग दो चार होवै...
रूंख भायलाराजी राखै रामजी ! ‘हथाई’ में आज फेरूं बात आपणी भासा री, आपणै सबदां री। जद...
रूंख भायलाराजी राखै रामजी ! दिन फुर या तो सरी…। राजस्थानी सारू राज तो नीं चेत्यो पण...
रूंख भायलाराजी राखै रामजी ! आज बात बाण री, कुबाण री…। बाण तो बाण होवै आछी हो...
रूंख भायलाराजी राखै रामजी ! आज बात किरसै अर मजूरां री। दो दिन पैली मजूरां रो दिन...
रूंख भायलाराजी राखै रामजी ! आज बात ‘हेली’ री, हेली रै हेलां री। जियाजूण रै रागरंग अर...
रूंख भायला.राजी राखै रामजी! आज बात खीचड़ै री, इमलाणै री…। भई आखा तीज है आज ! आज...
रूंख भायलाराजी राखै रामजी ! ‘के जातिया हो ?’ ओ फगत अेक सवाल कोनी, अेक चूंठियो है...
रूंख भायलाराजी राखै रामजी ! आज बात भासा री, भासा सारू खेचळ खावतै आपणै टाबरां री !...
