




ग्राम सेतु ब्यूरो.
हमारा कुदरती खेती संस्थान यानी हकीकत की वार्षिक बैठक हनुमानगढ़ जंक्शन में धान मंडी स्थित कार्यालय में हुई। इसमें संस्था सचिव प्रेम महिया ने वित्तीय वर्ष 2025-26 का विस्तृत लेखा-जोखा प्रस्तुत करते हुए संस्था की उपलब्धियों और आगामी वर्ष की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में उपस्थित किसानों और उपभोक्ताओं ने ‘हमारा सपना जहर मुक्त हनुमानगढ़ अपना’ के संकल्प के साथ कुदरती खेती को और मजबूत करने का निर्णय लिया।
बैठक में बताया गया कि संस्था ने इस वर्ष किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। हकीकत संस्थान द्वारा अपना स्वयं का कोल्ड स्टोरेज स्थापित किया गया है, जिससे किसानों को अपने कृषि उत्पाद सुरक्षित रखने में सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन के लिए नई प्रोसेसिंग मशीनें भी लगाई गई हैं। इन मशीनों के माध्यम से किसानों के उत्पादों की सफाई, प्रसंस्करण और पैकिंग बेहतर तरीके से की जा सकेगी, जिससे उन्हें बाजार में उचित मूल्य प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
संस्था ने डिजिटल सुविधाओं को बढ़ावा देते हुए उपभोक्ताओं और किसानों के लिए हकीकत की प्ले स्टोर एप्लिकेशन और आधिकारिक वेबसाइट भी लॉन्च की है। इन प्लेटफॉर्म के माध्यम से किसान अपने उत्पाद सीधे ऑनलाइन उपभोक्ताओं को बेच सकेंगे। इससे बिचौलियों की भूमिका कम होगी और किसानों को उनकी मेहनत का सही मूल्य मिल सकेगा, वहीं उपभोक्ताओं को शुद्ध और जहर मुक्त खाद्यान्न उपलब्ध होगा।
बैठक के दौरान वर्ष 2026 के लिए कुदरती खेती से उत्पादित फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य भी घोषित किए गए। हकीकत संस्थान से जुड़े किसानों से गेहूं 4350 रुपये, सरसों 7400 रुपये, पीली सरसों 8400 रुपये, मूंगफली 7500 रुपये, चना 7500 रुपये, जौ 3500 रुपये, मूंग 10,000 रुपये और मुंगी 12,000 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदी जाएगी। इसके अलावा आलू की खरीद 15 रुपये प्रति किलो के हिसाब से की जाएगी। इस निर्णय से किसानों को अपनी उपज का निश्चित और बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद है।
बैठक में किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा देने के लिए सामूहिक फसल बीमा योजना लागू करने का प्रस्ताव भी पारित किया गया। इस योजना के तहत सदस्य किसानों की फसल को प्राकृतिक आपदा, बीमारी या दुर्घटना की स्थिति में आर्थिक सहयोग प्रदान किया जाएगा।
कुदरती खेती के प्रचार-प्रसार के लिए मनीराम पूनिया के नेतृत्व में प्रत्येक माह अलग-अलग स्थानों पर सेमिनार आयोजित करने का निर्णय लिया गया। इन सेमिनारों के माध्यम से नए किसानों को कुदरती खेती से जोड़ने और उन्हें रसायन मुक्त खेती के लाभों के बारे में जानकारी दी जाएगी।
संस्था द्वारा फसलों की रासायनिक जांच और न्यूट्रीशन वैल्यू की जांच के लिए एक प्रयोगशाला स्थापित करने पर भी विचार किया गया। संस्था का लक्ष्य है कि वर्ष के अंत तक इस प्रयोगशाला की शुरुआत कर दी जाए, जिससे कुदरती खेती से तैयार उत्पादों की गुणवत्ता की वैज्ञानिक जांच संभव हो सके।
बैठक में “जहर मुक्त हनुमानगढ़” अभियान को आगे बढ़ाने के लिए प्रत्येक गांव में एक किसान के खेत को मॉडल फार्म के रूप में विकसित करने की योजना भी बनाई गई। संस्था के साथ वर्तमान में लगभग 250 किसान जुड़े हुए हैं, जहां आसपास के किसानों और आम लोगों के लिए निशुल्क प्रशिक्षण की व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही संस्था द्वारा अपने सदस्य किसानों को हर वर्ष देसी बीज निरूशुल्क उपलब्ध करवाने का निर्णय भी दोहराया गया।
संस्था के अध्यक्ष भगवान सिंह खुड़ी के मुताबिक, यह निर्णय लिया गया कि प्रत्येक किसान अपने आसपास कम से कम एक किसान साथी को कुदरती खेती से जोड़ेगा, ताकि यह अभियान तेजी से आगे बढ़ सके। उन्होंने कहा कि हनुमानगढ़ जिले में यह एकमात्र ऐसा संस्थान है और संभवतः पूरे राजस्थान में भी ऐसा उदाहरण कम ही देखने को मिलता है, जहां किसान अपनी फसल का भाव स्वयं तय करते हैं और उपभोक्ता खुशी-खुशी उसी उत्पादन का उपयोग करते हैं।
भगवान सिंह खुड़ी ने कहा कि संस्था को आगे बढ़ाने में केवल किसानों का ही नहीं बल्कि उपभोक्ता परिवारों का भी बहुत बड़ा योगदान है। उन्होंने बताया कि संस्था की नींव संस्थापक स्वर्गीय ओमप्रकाश माँझू ने किसानों और उपभोक्ताओं के संगम के रूप में रखी थी। आज संस्था उसी उद्देश्य के साथ सफलतापूर्वक आगे बढ़ रही है और भविष्य में भी जहर मुक्त खेती और स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए निरंतर प्रयास जारी रहेंगे।
बैठक के दौरान स्टोर प्रभारी प्रवीण गोदारा ने उपस्थित किसानों और उपभोक्ताओं को सभी मशीनों, प्रोसेसिंग यूनिट्स और कोल्ड स्टोरेज यूनिट का निरीक्षण भी करवाया। बैठक के अंत में निर्णय लिया गया कि अगली बैठक 14 अप्रैल को हनुमानगढ़ टाउन में भगवान सिंह खुड़ी के खेत में आयोजित की जाएगी, जहां किसानों को कुदरती खेती की लाइव ट्रेनिंग दी जाएगी।
बैठक में मनीराम पूनिया, भगवान सिंह खुड़ी, फतेह सिंह, राहुल शर्मा, राकेश गोदारा, प्रेम महिया, बलजिंदर सिंह, नारायण सिंह, काशीराम कस्वां, भागीरथ मटोरिया, गोविंद कस्वां, अजय सियाग, जगदीश सिंह, जगदेव सिंह, हरदीप सिंह, राजेंद्र गोदारा और मदन जयानी सहित अनेक किसान एवं उपभोक्ता उपस्थित रहे।




