



ग्राम सेतु डेस्क.
वरिष्ठ बाल साहित्यकार दीनदयाल शर्मा की बाल कहानी विधा की दो नई पुस्तकों ‘मित्र की मदद’ और ‘चमत्कारी चूर्ण’ का राजस्थान साहित्य परिषद् के तत्वावधान में बच्चों द्वारा लोकार्पण किया गया। एवरग्रीन पब्लिक स्कूल, भूकरका (नोहर) के छात्र आलोक आर्य एवं लिटिल फ्लॉवर कान्वेण्ट स्कूल, हनुमानगढ़ के छात्र गौरांश तिवाड़ी ने दोनों बाल पुस्तकों का लोकार्पण करते हुए अपनी खुशी व्यक्त की। उल्लेखनीय है कि दीनदयाल शर्मा की अब तक हिन्दी और राजस्थानी भाषा की 70 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। शर्मा को हिन्दी-राजस्थानी में राजस्थान की तीनों साहित्यिक अकादमियों यथा राजस्थान साहित्य अकादमी, उदयपुर से वर्ष 1988 में बाल कथा कृति ‘चिंटू-पिंटू की सूझ’ पर डॉ.शंभूदयाल सक्सेना बाल साहित्य पुरस्कार, राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति अकादमी, बीकानेर से वर्ष 1998 में राजस्थानी बाल नाट्य कृति ‘शंखेसर रा सींग’ पर पं.जवाहरलाल नेहरू बाल साहित्य पुरस्कार, पंडित जवाहरलाल नेहरू बाल साहित्य अकादमी, उदयपुर से वर्ष 2022 में ‘प्रेरणाप्रद बाल पहेलियां’ पुस्तक पर मोहनलाल ओझा बाल साहित्य पुरस्कार तथा केन्द्रीय साहित्य अकादेमी, नई दिल्ली से वर्ष 2012 में राजस्थानी बाल संस्मरण पुस्तक ‘बाळपणै री बातां’ पर राष्ट्रीय स्तर का राजस्थानी बाल साहित्य पुरस्कार मिल चुका है।







