




ग्राम सेतु ब्यूरो.
हनुमानगढ़. टाउन की प्रतिष्ठित और प्रभावशाली संस्थाओं फूडग्रेन मर्चेंट्स एसोसिएशन तथा व्यापार मंडल शिक्षा समिति के चुनाव सोमवार को शांतिपूर्ण, पारदर्शी और ऐतिहासिक ढंग से संपन्न हुए। वर्षों बाद ऐसा बार हुआ, जब संस्थाओं के सभी 477 सदस्यों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। शत-प्रतिशत मतदान ने न सिर्फ चुनाव को रोचक बना दिया, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि व्यापारी वर्ग अपनी संस्थाओं और नेतृत्व को लेकर कितना सजग और गंभीर है।
सबसे अधिक चर्चा का केंद्र रहा व्यापार मंडल शिक्षा समिति का अध्यक्ष पद, जहां बालकृष्ण गोल्याण और अजय सर्राफ के बीच कांटे का मुकाबला देखने को मिला। मतगणना के दौरान हर राउंड के साथ रोमांच बढ़ता गया और अंततः बालकृष्ण गोल्याण ने 4 मतों के अंतर से अजय सर्राफ को पराजित कर अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की। यह मुकाबला न केवल मतों के लिहाज से करीबी रहा, बल्कि दोनों प्रत्याशियों के समर्थकों के बीच उत्सुकता भी चरम पर रही।
व्यापार मंडल शिक्षा समिति के अन्य पदों पर भी चुनाव परिणाम स्पष्ट संदेश देते नजर आए। सचिव पद पर हरिकृष्ण खदरिया ने विजय कुमार बंसल को 27 मतों के अंतर से पराजित कर जीत हासिल की। सह सचिव पद पर संजय कुमार ने मनन टांटिया को 114 मतों के बड़े अंतर से हराया, जबकि कोषाध्यक्ष पद पर सुरेंद्र गोयल ने विनोद कुमार गुप्ता को सर्वाधिक 229 मतों के अंतर से पराजित कर शानदार जीत दर्ज की। इन परिणामों ने यह संकेत दिया कि मतदाताओं ने स्पष्ट और निर्णायक जनादेश दिया है।
फूडग्रेन मर्चेंट्स एसोसिएशन के चुनाव भी कम रोचक नहीं रहे। अध्यक्ष पद पर रामलाल ने योगेश गर्ग को 80 मतों के अंतर से पराजित कर संगठन की कमान संभाली। सचिव पद पर दलीप सिंह ढिल्लों ने विनोद कुमार गोयल को 172 मतों के अंतर से हराकर मजबूत जीत दर्ज की। वहीं कोषाध्यक्ष पद पर परवीण तलवाड़िया ने राकेश डाल को 149 मतों के अंतर से पराजित किया। इन नतीजों ने फूडग्रेन व्यापारियों के बीच नेतृत्व को लेकर स्पष्ट विश्वास को दर्शाया।
इस चुनाव की सबसे बड़ी विशेषता रही रिकॉर्ड मतदान। मुख्य निर्वाचन अधिकारी एडवोकेट मनजिंद्र सिंह लेघा ने जानकारी देते हुए बताया कि कुल 477 मतदाताओं में से 474 वोट मान्य पाए गए, जबकि तीन मत निरस्त घोषित किए गए। उन्होंने कहा कि यह मतदान प्रतिशत संस्थाओं के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय है, जो यह दर्शाता है कि सदस्य केवल नाम मात्र के नहीं, बल्कि संस्थागत लोकतंत्र में सक्रिय भागीदार हैं। चुनाव प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में सहायक निर्वाचन अधिकारी एडवोकेट अमनदीप सिंह ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिनके सहयोग से पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष और सुव्यवस्थित रही।
व्यापार मंडल शिक्षा समिति के अध्यक्ष पद पर निर्वाचित होने के बाद बालकृष्ण गोल्याण ने अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट शब्दों में रखीं। उन्होंने कहा कि समिति का मूल उद्देश्य शिक्षा है और वही उसकी आत्मा रहेगी। उन्होंने कहाकि जरूरतमंद परिवारों की बेटियों की पढ़ाई में किसी भी तरह का आर्थिक संकट न आए, यह मेरी पहली प्राथमिकता होगी। गोल्याण ने यह भी स्पष्ट किया कि व्यापार मंडल शिक्षा समिति को किसी भी हाल में ‘दुकान’ नहीं बनने दिया जाएगा और इसके मूल आदर्शों से कोई समझौता नहीं होगा। गौरतलब है कि बालकृष्ण गोल्याण तीसरी बार व्यापार मंडल शिक्षा समिति के अध्यक्ष बने हैं। इससे पहले भी वे दो कार्यकाल इस पद पर रह चुके हैं और उनके अनुभव को इस बार भी मतदाताओं ने तरजीह दी। उनकी इस तीसरी पारी को निरंतरता और भरोसे का प्रतीक माना जा रहा है।



