



ग्राम सेतु ब्यूरो.
फूडग्रेन मर्चेंट्स एसोसिएशन, हनुमानगढ़ टाउन के अध्यक्ष रामलाल किरोड़ीवाल ने जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद के लिए बारदाना, खरीद और भंडारण व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित करने की मांग की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष रामलाल किरोड़ीवाल की ओर से भेजे गए पत्र में बताया गया है कि पिछले वर्ष मंडी हनुमानगढ़ टाउन में लगभग 29.50 लाख क्विंटल गेहूं की खरीद भारतीय खाद्य निगम के माध्यम से किसानों से की गई थी, जो बीते कई वर्षों की तुलना में कहीं अधिक रही। इस बार स्थिति और भी अलग रहने की संभावना है, क्योंकि किसानों का रुझान सरसों जैसी फसलों की बजाय गेहूं की ओर ज्यादा दिखाई दे रहा है। ऐसे में इस वर्ष गेहूं की आवक पिछले साल से भी अधिक हो सकती है।
पत्र में अनुमान जताया गया है कि वर्ष 2025-26 में हनुमानगढ़ टाउन मंडी में 40 से 45 लाख क्विंटल तक गेहूं की खरीद समर्थन मूल्य पर हो सकती है। इसे देखते हुए एसोसिएशन ने समय रहते पर्याप्त बारदाना उपलब्ध कराने और खरीद एजेंसियों की संख्या बढ़ाने की मांग की है। पत्र में सुझाव दिया गया है कि केवल एफसीआई ही नहीं, बल्कि अन्य सरकारी गेहूं खरीद एजेंसियों को भी खरीद प्रक्रिया में शामिल किया जाए, ताकि प्रतिस्पर्धा के चलते किसानों का गेहूं समय पर खरीदा जा सके और मंडियों में अनावश्यक भीड़ या अव्यवस्था न हो।
एसोसिएशन ने यह भी चिंता जताई है कि वर्तमान में भंडारण के लिए एफसीआई के पास केवल एफएसडी गोदाम उपलब्ध हैं। यदि अतिरिक्त निजी या अन्य सरकारी भंडारण केंद्रों की व्यवस्था पहले से नहीं की गई, तो खरीद के दौरान बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है। मांग की गई है कि भंडारण केंद्रों को खरीद के समानांतर ही खोला जाए, ताकि मंडियों से गेहूं सीधे सुरक्षित भंडारण स्थलों तक पहुंच सके और बारिश अथवा मौसम की मार से नुकसान न हो।
पत्र में कहा गया है कि यदि बारदाना और भंडारण की सुचारु व्यवस्था रही, तो किसानों को मंडी में गेहूं बेचने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। साथ ही नियमित आवक बनी रहने से मंडी व्यवस्था भी सुचारु रहेगी और यह स्थिति नहीं बनेगी कि राजस्थान का गेहूं पड़ोसी राज्यों की मंडियों में चला जाए, जिससे राज्य को राजस्व नुकसान हो। फूडग्रेन मर्चेंट्स एसोसिएशन ने जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि किसानों के हित में हनुमानगढ़ टाउन मंडी में लगभग 45 लाख क्विंटल गेहूं खरीद की अग्रिम तैयारी की जाए, ताकि आने वाले खरीद सीजन में किसी तरह की अव्यवस्था न हो और किसानों को समय पर भुगतान तथा सुविधा मिल सके।




