



ग्राम सेतु ब्यूरोे.
हनुमानगढ़-श्रीगंगानगर जिले के खेतों में हर तरफ हरियाली ही हरियाली दिखाई दे रही है। हवा चलती है तो गेहूं की बालियां ऐसे झूमती हैं जैसे सोना लहरा रहा हो। किसान खेत की मेढ़ पर खड़ा फसल को देखता है तो उसके चेहरे पर संतोष झलक उठता है। इस बार गेहूं केवल जमीन पर नहीं, बल्कि किसानों की उम्मीदों में भी लहलहा रहा है। समय पर हुई मावठ की बारिश ने फसल को संजीवनी दी है। करीब 4 लाख 80 हजार 900 हेक्टेयर में बोई गई गेहूं इस समय अच्छी स्थिति में है और बेहतर उत्पादन की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है इस बार किसानों के गम को दूर करेगी गेहूं की फसल।
फसल की इस स्थिति के साथ ही सरकारी खरीद की तैयारियां भी तेज हो गई हैं। रबी विपणन सत्र 2026-27 में सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। जिले में सरकारी खरीद 10 मार्च 2026 से शुरू होकर 30 जून 2026 तक चलेगी।
न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए किसानों को 1 फरवरी 2026 से 25 जून 2026 तक पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। बिना पंजीकरण के सरकारी खरीद में फसल नहीं बेची जा सकेगी। किसान स्वयं या ई-मित्र के माध्यम से खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, राजस्थान की वेबसाइट पर उपलब्ध ‘गेहूं खरीद हेतु किसान पंजीकरण’ सुविधा से आवेदन कर सकते हैं।
पंजीकरण के लिए अद्यतन जन आधार कार्ड जरूरी है। भुगतान सीधे जन आधार से जुड़े बैंक खाते में किया जाएगा। विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि जिस खाते में भुगतान लेना है, वह जन आधार से जुड़ा होना चाहिए। किसी भी जानकारी के लिए किसान कार्य दिवसों में सुबह 10 से शाम 5 बजे तक टोल फ्री नंबर 14435 पर संपर्क कर सकते हैं।
66 खरीद केंद्र, किसानों को राहत
हनुमानगढ़ जिले में इस बार 66 खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं, ताकि किसानों को अधिक दूरी तय न करनी पड़े। श्रीगंगानगर मंडल में कुल 116 केंद्र बनाए गए हैं। पूरे राज्य में 381 केंद्रों पर 23 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा गया है।
खरीद कार्य भारतीय खाद्य निगम, राजफेड, नाफेड, एनसीसीएफ, तिलम संघ तथा इस वर्ष से राजस्थान राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के माध्यम से किया जाएगा। पहली बार राजस्थान राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम को भी सक्रिय जिम्मेदारी दी गई है।
हनुमानगढ़ जिला कलक्टर डॉ. खुशाल यादव कहते हैं, ‘सरकार की प्राथमिकता है कि किसान को उसकी उपज का पूरा मूल्य समय पर मिले। सभी खरीद केंद्रों पर तौल, पेयजल, छाया और बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। भुगतान सीधे खाते में पारदर्शी ढंग से किया जाएगा। किसान भाई समय पर पंजीकरण अवश्य कराएं। इस बार फसल की स्थिति उत्साहजनक है और यदि मौसम अनुकूल रहा तो लक्ष्य से अधिक खरीद संभव है।
प्रगतिशील किसान भगवान सिंह खुड़़ी कहते हैं, ‘इस बार मावठ सही समय पर हो गई, जिससे फसल में जान आ गई। बालियां भरी हुई हैं। अगर आगे मौसम ठीक रहा तो पैदावार अच्छी रहेगी। सरकार 2585 रुपये भाव दे रही है, जो संतोषजनक है। बस खरीद में देरी नहीं होनी चाहिए।’
वहीं गांव बोलांवाली के किसान कपिल सहारण ने बताया, ‘खरीद केंद्र पास में होने से हमें बड़ी राहत मिलेगी। पहले दूर जाना पड़ता था तो खर्च और समय दोनों लगते थे। अब व्यवस्था सुधर रही है तो उम्मीद है भुगतान भी जल्दी मिलेगा।’
हनुमानगढ़ अनाज मंडी के व्यापारी मोहित बलाडिया ने कहा, ‘फसल की हालत देखकर लग रहा है कि इस बार आवक अच्छी रहेगी। सरकारी खरीद और खुला बाजार दोनों में रौनक रहेगी। अगर व्यवस्था सुचारू रही तो किसानों और व्यापारियों दोनों को लाभ होगा।’
व्यापारी नरेंद्र खिलेरी का कहना है, ‘उत्पादन बढ़ेगा तो बाजार में गतिविधि भी बढ़ेगी। जरूरी है कि तौल और उठाव की प्रक्रिया तेज हो, ताकि मंडी में भीड़ न बढ़े। प्रशासन ने जो तैयारी की है, उससे उम्मीद बंधी है।’
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर हुई वर्षा और वर्तमान मौसम को देखते हुए इस बार उत्पादन बढ़ सकता है। यदि अंतिम चरण में मौसम अनुकूल रहा तो सरकारी खरीद के आंकड़े भी नए स्तर तक पहुंच सकते हैं। प्रशासन का दावा है कि भुगतान व्यवस्था को और मजबूत बनाया गया है, ताकि किसानों को चक्कर न लगाने पड़ें। पंजीकरण से लेकर भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया गया है।
हनुमानगढ़ जिले में इस बार गेहूं की फसल और सरकारी खरीद दोनों को लेकर सकारात्मक माहौल है। खेतों में लहराती बालियां किसानों की मेहनत का प्रमाण दे रही हैं और मंडियों में शुरू होने वाली खरीद उनके सपनों को आकार दे सकती है। अब सबकी नजर 10 मार्च पर है, जब सरकारी खरीद की शुरुआत होगी और किसानों की मेहनत को बाजार में उचित मूल्य मिलने का रास्ता खुलेगा।






