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शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं, बल्कि चरित्र, अनुशासन और संस्कारों से मिलकर एक संपूर्ण व्यक्तित्व गढ़ती है। इसी सोच को साकार करते हुए हनुमानगढ़ जिला मुख्यालय के समीप स्थित गुड डे डिफेंस सैनिक स्कूल में अभिभावकों एवं विद्यार्थियों के लिए एक भव्य ओरिएंटेशन प्रोग्राम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यालय, अभिभावकों और विद्यार्थियों के बीच मजबूत सहभागिता स्थापित करना और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की स्पष्ट दिशा तय करना रहा। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई, जिसे ज्ञान, पवित्रता और शुभारंभ का प्रतीक बताया गया। दीप प्रज्वलन के माध्यम से विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई और यह संदेश दिया गया कि शिक्षा का मार्ग प्रकाश से होकर गुजरता है। विद्यालय प्रबंधन ने अभिभावकों की उपस्थिति को स्कूल की सफलता की सबसे मजबूत नींव बताते हुए स्कूल और अभिभावकों के बीच विश्वास, साझेदारी और साझा उद्देश्य को विशेष रूप से रेखांकित किया।
परमवीर चक्र से सम्मानित, कारगिल युद्ध के नायक एवं विद्यालय के चीफ मेंटर और डायरेक्टर (आउटरीच प्रोग्राम) कैप्टन योगेंद्र यादव ने विद्यार्थियों को अनुशासन, सही आदतों और दृढ़ संकल्प का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि सफलता कोई संयोग नहीं, बल्कि निरंतर अभ्यास, आत्मनियंत्रण और लक्ष्य के प्रति समर्पण का परिणाम होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को देशभक्ति, साहस और कर्तव्यबोध के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया, जिससे सभागार देशभक्ति के भाव से गूंज उठा।
कार्यक्रम के दूसरे प्रमुख वक्ता रहे डॉ. विनय गुप्ता, मॉनिटरिंग एवं इवैल्यूएशन ऑफिसर, मनोचिकित्सा विभाग, राजकीय अस्पताल, कैथल। उन्होंने बच्चों में बढ़ती सोशल मीडिया की लत और इसके दुष्प्रभावों पर गंभीर लेकिन सरल शब्दों में प्रकाश डाला। डॉ. गुप्ता ने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य, भावनात्मक संतुलन और आत्म-जागरूकता आज के समय में उतनी ही जरूरी है जितनी शारीरिक फिटनेस। उन्होंने कहा कि स्वस्थ मन ही एक सशक्त समाज की नींव होता है और अभिभावकों को बच्चों के डिजिटल व्यवहार पर सतत नजर रखने की आवश्यकता है।
गुड डे डिफेंस सैनिक स्कूल के मैनेजिंग डायरेक्टर दिनेश जुनेजा ने सभी अभिभावकों, अतिथियों एवं विद्यार्थियों का हार्दिक स्वागत किया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, नैतिक मूल्यों और राष्ट्रसेवा की भावना विकसित करना है। जुनेजा ने अभिभावकों से अपील की कि वे विद्यालय के साथ निरंतर संवाद और सहयोग बनाए रखें, क्योंकि बच्चों का सर्वांगीण विकास तभी संभव है जब स्कूल और अभिभावक एकजुट होकर कार्य करें।
उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, प्रशिक्षित स्टाफ, सुरक्षित वातावरण और सैनिक स्कूल की परंपराओं पर आधारित शिक्षा प्रणाली पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यहां विद्यार्थियों को भविष्य के जिम्मेदार नागरिक और सशक्त नेता के रूप में तैयार किया जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों को लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने, अनुशासन का पालन करने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में विद्यालय के डायरेक्टर एल. पी. जैन, प्रधानाचार्या एंथोनियम्मा पॉल तथा प्रशासक अनुराग छाबड़ा भी उपस्थित रहे। सभी ने विद्यालय की शैक्षणिक दृष्टि, अनुशासनात्मक मूल्यों और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
समापन सत्र में अभिभावकों को उनके सहयोग के लिए धन्यवाद दिया गया और विद्यार्थियों को आत्मविश्वास, अनुशासन और दृढ़ निश्चय के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का समापन देशभक्ति के वातावरण में ‘जय हिंद’ के उद्घोष के साथ हुआ, जिसने पूरे आयोजन को प्रेरणादायी और यादगार बना दिया।








