

किरण कुमार मिश्र
बिहारक चुनावी मेला एहि बेर फेर अपन रंग दिखा देलक। जनताक भरोसा आ राजनीतिक हलचल बीच ‘नीतीशे कुमार’ क नारा पुनः जमीन पर उतरल। एनडीए प्रचण्ड बहुमतक संग सत्ता तक पहुँचि गेल। ई चुनावक खास बात छल मिथिला आ मैथिलीक उभार। सभ नेता मिथिलाक धरती पर उतरि क’ अपन आवाज बुलंद करैत रहलाह। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सँ ल’ क’ अमित शाह तक केर आगमन मिथिलाक राजनीतिक महत्ता केँ फेर उजागर कय देलक। सभटा मंच पर भाषणक आगि दहकल आ मतदाता ओहि गर्मी में अपन राय दर्ज कएलाह। परिणाम स्पष्ट छल, एनडीए केँ जनता अपन भविष्यक भरोसा देलक।

आब प्रश्न उठैत छै, अगिला पाँच वर्ष कोना बितत? बिहारक राजनीति में वादा सभ पहिनहुँ खूब छल, मुदा एखन जनता सिर्फ भाषण नहिं, धरातलीय काम चाहैत अछि। बीतल दू दशक में बिहारक विकासक गति कतेक बेर तेज सेहो भेल, कतेक बेर विकासक रफ्तार धीमा बुझायल। एखन लोक प्रतीक्षा में छै कि नव जनादेशक बाद ओहि राह पर तेजी सँ कदम बढ़त कि नहि।
मिथिलांचलक हालात त अलगे दर्द बता रहल अछि। कमोबेश सब जिला में बेरोजगारीक स्थिति दिन पर दिन भयावह बनि रहल छै। उच्च स्तरक शैक्षणिक संस्था मिथिला में कम रहल, ई कमी आब संकट बनि गेल अछि। अधिकांश परिवारक बच्चा पढ़ाई लेल कोटा, सीकर, जयपुर, दिल्ली-जेकाँ दूर-दराज शहर पलायन करैत अछि। कोचिंग सिटी सभ में बिहारी बच्चाक भीड़ देखिक’ बुझाइत अछि जे अपन राज्य में शिक्षा लेल कतेक कमी अछि। पढ़ाई पूरा भेला पर ओहि बच्चासभ केँ नौकरी लेल फेर भटकय पड़ैत छै। सवाल उठैत छै, की सरकार एहि मुसिबतक जड़ पकड़िक’ ठोस कदम लेत?

मधुबनी आ दरभंगा जिला एक समय उद्योगक रूपमे चमकैत छल। 90क दशक में बंद भेल कारखाना सभ एखन तक खंडहर अछि। जँ सरकार छोट-ठामक बजट निकालिक’ ओहि पुरान उद्योग सभ केँ फेर चालू करबाक दिशा में गंभीर प्रयास करय, त हजारों लोकक जिनगी मंे रोजगारक नई आस जगि सकैत अछि। मिथिलाक लोकक कारीगरी, हुनर आ मेहनत पर कतहु संदेह नहि, जरूरत सिर्फ नीति-निर्णयक इच्छाशक्ति आ जमीन पर उतारल योजना सभक अछि। मधुबनी पेंटिंग, पान, मखान और माछक व्यापार पर सरकार ध्यान केंद्रित कय योजनाक आकार दय सकैत अछि। मुदा, ई सरकारक इच्छशक्ति पर निर्भर अछि।

इक्कीसवीं सदीक राजनीति सिर्फ भावनात्मक मुद्दा, जातीय समीकरण या प्रलोभनक वादा पर चलत, त राज्य एक दिन बर्बादीक मुहान पर पहुँचि जायत। ई बात जनप्रतिनिधि केँ बुझ’क चाही आ जनता केँ सेहो। लोकतंत्रक ताकत मतदान में छै, मुदा ओही मतदानक सार्थकता तखने सिद्ध होइत छै जखन सरकार अपन परंपरागत सोच में बदलाव आनत।

नव निर्वाचित विधायक सभक स्वागत आ शुभकामना। मुदा ओहि संग अपेक्षा ई अछि जे ओ सभ मिथिलांचलक वास्तविक समस्या बुझि ठोस निर्णय लेथि। शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, कृषि सुधार, पलायन रोकनाय आ रोजगार सृजन, ई पाँच बिंदु मिथिलाक रीढ़ बनि सकैत अछि। मिथिला संस्कृति, भाषा आ परंपराक गौरव त अवश्य बनल रहबाक चाही, मुदा ओहि गौरव केँ टिकबाक ताकत विकासे देत। यदि सरकार अपन वादाक अनुरूप मिथिलाक धरती पर काज उतारि देत, त एतुका युवा जे बाहर भटकि रहल अछि, ओ अपन घर रहि पाबि लेत। उम्मीद अछि जे अगिला पाँच वर्ष मिथिलांचलक लेल सिर्फ राजनीतिक गप नहि, बल्कि वास्तविक परिवर्तनक कथा लिखत।


