February 3, 2026

gramsetu.sms@gmail.com

राजेश चड्ढ़ा.भौतिकवाद दा अर्थ है भौतिक दौलत अते भौतिक सुखां नूं आध्यात्मिक कीमतां नालों वध महत्वपूर्ण समझन...
राजेश चड्ढ़ा.मन्नदी न गल्ल साडी,एह भैड़ी सरकार ओ।पगड़ी सम्भाल जट्टापगड़ी सम्भाल ओ।इस गीत दियां इह सतरां श्जंग...
राजेश चड्ढ़ा.पढ़-पढ़ शेख़-मशेख़ कहावें,उलटे मसले घरों बणावें,बेइलमां नूं लुट-लुट खावें,सच्चे-झूठे करें क़रार।भाव है, की इह सच है...
गोपाल झा.पूर्वांचल का लोक संगीत शोकाकुल है। सुर बेसुरे हो गए हैं। संगीतप्रेमियों के नयन नीर से...