




डॉ. पीयूष त्रिवेदी.
आज की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी, गलत खानपान और बैठे-बैठे काम करने की आदत ने यूरिक एसिड को एक आम लेकिन खतरनाक समस्या बना दिया है। जो दर्द कभी बुज़ुर्गों की पहचान माना जाता था, वही अब युवाओं के जोड़ों में दस्तक दे रहा है। दवाइयों के साथ-साथ अगर प्रकृति की ओर लौटा जाए, तो समाधान हमारी रसोई में ही मौजूद है। सब्ज़ी और बिरयानी की खुशबू बढ़ाने वाला साधारण-सा तेज पत्ता आयुर्वेद में एक शक्तिशाली औषधि माना गया है, जो यूरिक एसिड को नियंत्रित करने, किडनी को स्वस्थ रखने और जोड़ों के दर्द से राहत दिलाने में सहायक हो सकता है। यह लेख उसी पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक ज़रूरत के संगम की पड़ताल करता है, जहाँ स्वाद भी है और सेहत भी।
जब हमारा शरीर बहुत ज्यादा यूरिक एसिड बनाने लगता है या पर्याप्त यूरिक एसिड बाहर नहीं निकाल पाता है तो इससे गठिया, किडनी में पथरी, जोड़ों में दर्द और कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो जाती हैं। शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने से जोड़ों में काफी ज्यादा दर्द होने लगता है। यूरिक एसिड जोड़ों के दर्द, किडनी में पथरी और दिल से जुड़ी बीमारियों का कारण बन सकता है। ऐसे में इसे कंट्रोल करने के लिए आप तेजपत्ते की चाय पी सकते हैं। खराब चीज़े जैसे शराब, प्यूरीन युक्त खाद्य पदार्थ और मीठी चीजों का सेवन शरीर में यूरिक एसिड के स्तर को तेजी से बढ़ाता है। यूरिक एसिड का ज्यादातर हिस्सा खून में घुल जाता है और किडनी के जरिए पेशाब के जरिए शरीर से बाहर निकल जाता है। जब शरीर बहुत ज्यादा यूरिक एसिड बनाता है या पर्याप्त यूरिक एसिड बाहर नहीं निकाल पाता है तो इससे गठिया, किडनी में पथरी, जोड़ों में दर्द और कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में दवाओं के अलावा आप यूरिक एसिड को कम करने के लिए कुछ घरेलू उपाय भी आजमा सकते हैं। सब्जी और बिरयानी में इस्तेमाल होने वाला तेज पत्ता भी यूरिक एसिड को कंट्रोल कर देता है। ं
इस तेज पत्ते में विटामिन ए और सी के साथ-साथ फोलिक एसिड भी होता है, जो आपकी सेहत के लिए फायदेमंद है। इनमें एंटी-ऑक्सीडेंट गुण भी होते हैं और ये किडनी को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं। तेज पत्ते में मूत्रवर्धक प्रभाव होता है, जो किडनी को डिटॉक्सीफाई करने और उन्हें स्वस्थ रखने में मदद करता है। यूरिक एसिड जोड़ों के दर्द, किडनी में पथरी और दिल की बीमारियों का कारण बन सकता है। इसे नियंत्रित करने के लिए आप तेज पत्ते की चाय पी सकते हैं।
उपयोग करने की विधि
चाय बनाने के लिए 10-20 तेज पत्ते धो लें. धुले हुए तेज पत्तों को एक पैन में तीन गिलास पानी में डालें। इसे तब तक उबालें जब तक कि एक गिलास पानी न रह जाए। चाय को दिन में दो बार गर्म करके पिएं। प्यूरीन से भरपूर खाद्य पदार्थ और पेय पदार्थ खाने से भी यूरिक एसिड का स्तर बढ़ सकता है।
इन समस्याओं में भी उपयोगी है तेज पत्ता
तेज पत्ते का सेवन करने से सूखी खांसी, फ्लू, ब्रोंकाइटिस, अस्थमा और इन्फ्लूएंजा जैसी सांस संबंधी समस्याओं से राहत मिलती है। साथ ही इसके सेवन से किडनी की सेहत भी अच्छी रहती है। तेज पत्ते में विटामिन ए, विटामिन बी6 और विटामिन सी भरपूर मात्रा में पाया जाता है। ये सभी विटामिन इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं। ऐसे में नियमित रूप से तेजपत्ते का सेवन करके आप शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ा सकते हैं।
सावधानी आप किसी भी सलाह को अपनाने से पहले आयुर्वेद विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।
-लेखक सुविख्यात आयुर्वेद विशेषज्ञ हैं






