March 14, 2026

मिट्टी दी खुशबू

राजेश चड्ढ़ा.सत्रहवीं-अठारहवीं सदी दे इंकलाबी दार्शनिक, सुधारक, सूफ़ी अते पंजाबी भाषा दे कवि बुल्ले शाह दा भक्ति...
राजेश चड्ढ़ा.भौतिकवाद दा अर्थ है भौतिक दौलत अते भौतिक सुखां नूं आध्यात्मिक कीमतां नालों वध महत्वपूर्ण समझन...
राजेश चड्ढ़ा.मन्नदी न गल्ल साडी,एह भैड़ी सरकार ओ।पगड़ी सम्भाल जट्टापगड़ी सम्भाल ओ।इस गीत दियां इह सतरां श्जंग...
राजेश चड्ढ़ा.पढ़-पढ़ शेख़-मशेख़ कहावें,उलटे मसले घरों बणावें,बेइलमां नूं लुट-लुट खावें,सच्चे-झूठे करें क़रार।भाव है, की इह सच है...
राजेश चड्ढ़ाअज्ज आखाँ वारिस शाह नूँ कित्थों क़बरां विच्चों बोलते अज्ज किताब-ए-इश्क़ दा कोई अगला वरका फोलइक...
राजेश चड्ढ़ा.पाँज सौ तों वी वध साल पहलां, जदों गुरु नानक देव जी अपणे मिशन ते निकले,...