राजेश चड्ढ़ा.महेंद्र सिंह रंधावा पंजाबी बौद्धिक परंपरा दा अजेहा नां है, जेड़ा साहित्य, संस्कृति, खेती अते पर्यावरण-इन्हां...
मिट्टी दी खुशबू
राजेश चड्ढ़ा.साल जद अपणी अख़ीरी दहलीज़ ते आ खड़ोवे, तां वक़्त सानूं सिर्फ़ कैलेंडर नहीं बदल के...
राजेश चड्ढ़ा.कहावताँ ना सिर्फ़ लफ़्ज़ दा समूह हुँदियाँ हन सगों साढे़ पूर्वजाँ दे सदियाँ दे अनुभव, नैतिकता...
राजेश चड्ढ़ा.दशम गुरु गुरुगोबिंद सिंह जी दुआरा रचेया ‘ज़फ़रनामा’ औरंगज़ेब नूँ लिखेया ना सिर्फ़ इक ख़त है,...
राजेश चड्ढ़ा.बाबा नानक आखदे हन-उस नूँ मँदा क्यों केहा जाए, जिसदी कुख तों राजा तक जन्म लैंदे...
राजेश चड्ढ़ा.पँजाबी लोक साहित्य विच रोमाँटिक कहाणियाँ, गाथावाँ अते कई तरहाँ दियाँ लोक कवितावाँ शामिल कीतियाँ जाँदियाँ...
राजेश चड्ढ़ासत्रहवीं-अट्ठारहवीं सदी विच पँजाबी सूफ़ी कवि वारिस शाह ने बहोत प्रसिद्ध हीर-राँझा वरगी महाकाव्य दी रचना...
राजेश चड्ढ़ाचढ़दी कला पँजाबी लोक अते पँजाबी साहित्य विच इक महत्वपूर्ण प्रगटावा है, जो इक अजेहे रवैये...
राजेश चड्ढ़ा.इक सिरे तों दूजे सिरे तक, दूरियाँ सन तयशुदा।इक लय विच साज़े दिल रेहा, नेड़ता वधदी...
राजेश चड्ढ़ा.वारिस शाह दे सूफ़ी कलाम मुख तौर ते उन्हाँ दे मकबूल किस्से ‘हीर’ नाल जुड़े हन,...
