रूंख भायला.राजी राखै रामजी! दियाळी री रामा-श्यामा, मूंडो मीठो करो दाळ रै सीरै सूं ! ‘हैं….!!’ हैं...
हेत री हथाई
रूंख भायला.राजी राखै रामजी! परबीती तो सदांई करां, आज कीं घरबीती। घरबीती कैवां तो बातां घरां री,...
रूंख भायला.राजी राखै रामजी ! आज बात रातीजोगै री। ‘के बात ! देवउठणी ग्यारस नेड़ै आवतै ई...
रूंख भायला.‘दुनियादारी औगुणगारी, ज्यांनै भेद मत दीजै अेहेली म्हारी निरभय रैहीजै अे….!’राजी राखै रामजी ! आज बात...
रूंख भायला.राजी राखै रामजी! आज बात गांधी जी री, राजस्थानी में गांधीजी अर वां रै गांधीवाद माथै...
रूंख भायला.‘पाबू हड़बू रामदे, मांगळिया मेहापांच देव पधारजो, गोगाजी जेहा’राजी राखै रामजी ! ‘हेत री हथाई’ में...
रूंख भायला.राजी राखै रामजी ! कह रे चकवा बात, रात कटै ज्यूं !! ‘हेत री हथाई’ में...
रूंख भायला.राजी राखै रामजी! ‘हेत री हथाई’ में आज आपां बात करस्यां गाळां री….!, हैं……..! हैं क्यांरी,...
रूंख भायला.राजी राखै रामजी ! हथाई में आज बात सांतरै रचाव री। जगचाव लिखारा होया है फ्रेंज...
रूंख भायला.मनवार होवती ही हेताळू हाथां सूंअपणायत री सोरम फूटती बांरी बातां सूंहाथ है बैई अर बातां...
