



ग्राम सेतु ब्यूरो.
टिब्बी में एथेनॉल प्लांट को लेकर किसानों और पुलिस के बीच हुई झड़प पर माकपा नेता मंगेज़ चौधरी ने प्रशासन को कठघरे में खड़ा कर दिया है। उनका कहना है कि पूरा मामला प्रशासनिक लापरवाही का नतीजा है। चौधरी के मुताबिक प्रदर्शन के दौरान पहली लाठी पुलिस ने चलाई और किसानों ने सिर्फ़ अपनी रक्षा की। दिन भर अधिकारी दफ्तरों में कैद रहे और किसी ने भी किसानों से बात करने की ज़रूरत नहीं समझी। उन्होंने बताया कि दोपहर 3 बजे तक उन्होंने खुद बातचीत का आग्रह किया, पर प्रशासन की तरफ़ से कोई जवाब नहीं आया।
चौधरी ने आरोप लगाया कि सरकार आंदोलन को लाठी-गोली की ताकत से कुचलना चाहती है। लंबे समय से आंदोलन कर रहे किसानों को आज तक जिला प्रशासन कोई भरोसा नहीं दे पाया। उनका कहना है कि प्रशासन एथेनॉल फैक्ट्री को बंदूक की नोक पर चालू करवाना चाहता है, जबकि किसान शांतिपूर्वक विरोध कर रहे थे।

लाठीचार्ज में कई किसान घायल हुए और चौधरी का पैर भी फ्रैक्चर हो गया। उन्होंने याद दिलाया कि पहले भी प्रशासन ने धरना स्थल को बलपूर्वक खाली कराया था, जिसके चलते किसानों में पुराना रोष पहले से मौजूद था। चौधरी ने साफ़ कहा कि वे आख़िरी सांस तक किसानों के साथ खड़े हैं और हर कदम पर उनकी लड़ाई में साथ देंगे। साथ ही उन्होंने राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि वह पूंजीपतियों के हित में काम कर रही है, जबकि किसानों के भारी विरोध के बावजूद भी फैक्ट्री लगाने पर अड़ी हुई है।



