




ग्राम सेतु डेस्क
सुबह की हल्की धूप, सड़क किनारे तैयार गड्ढे, हाथों में पौधे और चेहरे पर जिम्मेदारी की मुस्कान। हनुमानगढ़ टाउन में गजानंद सराफ मार्ग, सेक्टर नंबर-01, का नज़ारा कुछ ऐसा ही था। यह कोई औपचारिक कार्यक्रम भर नहीं था, बल्कि धरती के प्रति कर्तव्य निभाने का सजीव उदाहरण था। डॉक्टर्स फॉर सोसायटी (डीएफएस) फाउंडेशन के सदस्यों ने जब एक-एक कर पौधे लगाए तो ऐसा लगा मानो आने वाली पीढ़ियों के लिए ‘सांसों की पूंजी’ जमा की जा रही हो। इसी भावनात्मक और सामाजिक सरोकार के साथ डीएफएस फाउंडेशन का दूसरा पौधरोपण कार्यक्रम सफलतापूर्वक हुआ।

कार्यक्रम का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि समाज में पर्यावरण संरक्षण के प्रति स्थायी जागरूकता पैदा करना रहा। कार्यक्रम में चिकित्सा जगत से जुड़े अनेक गणमान्य चिकित्सकों और समाजसेवियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।
संस्था के संरक्षक सदस्य डॉ. पारस जैन, डॉ. एस.एस. गेट्ट एवं डॉ. रवि त्रेहन ने डॉ. विपुल असोपा को डीएफएस की कैप पहनाकर औपचारिक रूप से संस्था की सदस्यता ग्रहण करवाई। इस अवसर पर उपस्थित सदस्यों ने नए सदस्य का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि उनके जुड़ने से संस्था की सामाजिक गतिविधियों को और मजबूती मिलेगी।
कार्यक्रम में डीएफएस फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ. विक्रम जैन, सचिव डॉ. नरेश संकलेचा, कोषाध्यक्ष डॉ. पुनीत जैन सहित कई वरिष्ठ एवं सक्रिय सदस्य मौजूद रहे। इनके अलावा सीए राजेश गोयल, डॉ. संदीप भाकर, डॉ. जगदीश खत्री, डॉ. राजीव मुंजाल, डॉ. वरुण आहूजा, डॉ. जतिन सिंगला, डॉ. नरेश जिंदल, डॉ. जे.एस. संधू, डॉ. दीपक खुराना, डॉ. पवन मिढा, डॉ. वैशाली आहूजा एवं डॉ. विपुल असोपा सहित अनेक सदस्य कार्यक्रम में शामिल हुए।
सदस्यों ने मिलकर पौधारोपण किया और यह संकल्प लिया कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल भी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि वे केवल फोटो तक सीमित न रहें, बल्कि आने वाले वर्षों में छाया और ऑक्सीजन दें। कार्यक्रम के दौरान पौधों के संरक्षण, जल प्रबंधन और स्वच्छ पर्यावरण पर भी चर्चा की गई।
डीएफएस फाउंडेशन के सचिव डॉ. नरेश संकलेचा ने ‘ग्राम सेतु डॉट कॉम’ से कहा ‘आज पर्यावरण संरक्षण कोई विकल्प नहीं, बल्कि समय की सबसे बड़ी जरूरत बन चुका है। चिकित्सक केवल अस्पतालों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज और प्रकृति के प्रति भी उनकी जिम्मेदारी है। डीएफएस फाउंडेशन इसी सोच के साथ निरंतर सामाजिक एवं पर्यावरणीय गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।’ डॉ. संकलेचा के मुताबिक, यह दूसरा पौधरोपण कार्यक्रम है और भविष्य में भी इस तरह के आयोजन नियमित रूप से किए जाएंगे। उद्देश्य यह है कि शहर के विभिन्न हिस्सों में हरियाली बढ़े और आमजन भी इस अभियान से प्रेरित हों।
कार्यक्रम के अंत में सभी सदस्यों ने एकजुट होकर पर्यावरण संरक्षण के लिए सतत प्रयास करने का संकल्प लिया। कुल मिलाकर यह आयोजन केवल पौधारोपण नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना और जिम्मेदारी का मजबूत संदेश बनकर उभरा।







