




डॉ. पीयूष त्रिवेदी.
अधिकतर भारतीय लोगों के घरों में हरे व सफेद प्याज का इस्तेमाल किया जाता है। खाने-पीने का स्वाद बढ़ाने के अलावा सभी प्याज औषधीय गुणों से भरपूर होती है। इसके अर्क में कई बीमारियों से राहत दिलाने की क्षमता होती है। गर्मियों में इसे सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जा सकता है। आज हमारे घरों में बिना प्याज के खाना अधूरा माना जाता है। प्याज एक ऐसी सब्जी है, जिसे लगभग सभी चीजों में डालकर खाया जा सकता है। कच्चा प्याज सलाद में भी भरपूर खाया जाता है। प्याज खाने में टेस्टी लगता है और सेहत को फायदे पहुंचाता है। इस सब्जी में कई शक्तिशाली तत्व होते हैं, जो आपके शरीर को जानलेवा बीमारियों से बचाने में सक्षम हो सकते हैं। आयुर्वेद की कई जनरल रिसर्च में पाया गया है कि प्याज को हार्ट डिजीज, डायबिटीज से लेकर कैंसर से बचाने में फायदेमंद माना गया है। गर्मियों में प्याज लू से बचाने में कारगर होती है। इस सब्जी के अनगिनत फायदे होते हैं।

आयुर्वेद हेल्थव्यूह की रिपोर्ट के मुताबिक प्याज सबसे ज्यादा पौष्टिक सब्जियों में शुमार की जाती है। यह सस्ती सब्जी कई हेल्दी विटामिन, मिनरल्स और प्लांट कंपाउंड का खजाना मानी जाती है.। औषधीय गुणों से भरपूर प्याज का इस्तेमाल आयुर्वेद और अन्य चिकित्सा प्रणालियों में सैकड़ों सालों से किया जा रहा है.।
प्राचीन काल में सैनिक अपने खून को शुद्ध करने के लिए प्याज का उपयोग करते थे, जबकि मध्यकालीन युग में इसे सिरदर्द, हृदय रोग और मुंह के घावों के इलाज में मदद करने के लिए असरदार माना जाता था. मॉडर्न साइंस ने भी प्याज को पावरफुल सब्जी माना है और रिसर्च में इसके फायदे सामने आए हैं। प्याज में मुख्यतः प्रोटीन, कार्ब्स, शुगर, फाइबर, फैट, पोटेशियम, विटामिन सी समेत पोषक तत्वों का भंडार होता है. इससे हमारा इम्यून सिस्टम मजबूत हो सकता है। विटामिन सी आयरन अब्जॉर्प्शन को बेहतर बनाता है, जिससे खून की कमी नहीं होती है। प्याज में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेट खतरनाक फ्री रेडिकल्स से बचाने में सक्षम होते है।. मेटाबॉलिज्म और नर्व सिस्टम के लिए भी प्याज का सेवन करना फायदेमंद हो सकता है।

कुछ साल पहले एक रिसर्च में पता चला था कि प्याज के अर्क का सेवन करने से ब्लड शुगर को 25-30 फ़ीसदी तक कम करने में मदद मिल सकती है। रिसर्च करने वाले वैज्ञानिकों ने इसे डायबिटीज कंट्रोल करने का सबसे सस्ता और आसान तरीका बताया था। प्याज का सेवन करने से मोटापा और हाई कोलेस्ट्रॉल से भी राहत मिल सकती है। प्याज खाने से डायबिटीज और हार्ट डिजीज समेत कई जानलेवा बीमारियों का खतरा कम हो सकता है।

प्याज और लहसुन जैसी सब्जियां पेट और कोलोरेक्टल कैंसर सहित कुछ प्रकार के कैंसर के खतरे को कम कर सकती हैं। प्याज में एंटी-कैंसर गुण व प्रॉपर्टी होती हैं। 2018 में कुल 13,800 लोगों पर किए गए 20 अध्ययनों की समीक्षा में शोधकर्ताओं ने सुझाव दिया कि सबसे अधिक प्याज का सेवन करने वाले लोगों में सबसे कम सेवन करने वाले लोगों की तुलना में कोलोरेक्टल कैंसर का खतरा 25 फीसद कम था। प्याज में फिसेटिन और क्वेरसेटिन भी होते हैं, जो फ्लेवोनोइड एंटीऑक्सिडेंट हैं और ये ट्यूमर के विकास को रोक सकते हैं!
हड्डियों को मजबूत करने के लिए दूध-दही, पनीर और अन्य डेयरी प्रोडक्ट को बढ़िया माना जाता है, लेकिन प्याज भी हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद कर सकता है। एक अध्ययन में पाया गया कि जो लोग प्रति दिन कम से कम एक बार प्याज खाते थे, उनकी हड्डियों का घनत्व उन लोगों की तुलना में 15 फीसद अधिक था, जो प्रति माह एक बार या उससे कम बार प्याज खाते थे। प्याज ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करने, एंटीऑक्सीडेंट के स्तर को बढ़ाने और हड्डियों के नुकसान को कम करने में मदद करता है। इससे अस्थि रोग ऑस्टियोपोरोसिस को रोकने और हड्डियों के घनत्व में सुधार करने में मदद मिलती है।
2010 की एक टेस्ट-ट्यूब स्टडी से पता चलता है कि प्याज का रस या अर्क विब्रियो कॉलेरी के विकास को रोक सकता है। विब्रियो कॉलेरी एक प्रकार का बैक्टीरिया होता है जो दुनिया के कुछ हिस्सों में अनेक बीमारियां फैलने की वजह है। प्याज से निकाला गया क्वेरसेटिन तत्व इस खतरनाक बैक्टीरिया के विकास को भी कम कर सकता है। ये बैक्टीरिया पेट के अल्सर, पाचन तंत्र में परेशानी और कुछ प्रकार के कैंसर की वजह बन सकता है। प्याज में भरपूर एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं।
प्याज फाइबर और प्रीबायोटिक्स का अच्छा सोर्स है, जिससे आंतों की हेल्थ बेहतर हो सकती है.। प्रीबायोटिक खाद्य पदार्थों का सेवन लैक्टोबैसिलस और बिफीडोबैक्टीरियम स्ट्रेन जैसे प्रोबायोटिक्स को बढ़ाने में भी मदद कर सकता है, जो पाचन स्वास्थ्य को सुधारते हैं। प्याज प्रीबायोटिक्स और फ्रुक्टुलिगोसैकेराइड्स से भरपूर होता है, जो आपके आंत में अनुकूल बैक्टीरिया की संख्या बढ़ाने और इम्यून सिस्टम सुधारने में मदद कर सकते हैं। प्याज को पाचन सिस्टम को दुरुस्त करने में असरदार माना जा रहा है। आयुर्वेद में प्याज को पलांडू कहते हैं, मात्रा से खाया जाए तो शरीर को कई बीमारियों से बचाया जा सकता है।
-आयुर्वेद विशेषज्ञ, राजकीय आयुर्वेद चिकित्सालय बापू नगर एवं शासन सचिवालय जयपुर


