



ग्राम सेतु डेस्क.
हनुमानगढ़ जिले में किन्नू बागवानी का रकबा लगातार बढ़ने के बावजूद आज तक राजकीय नर्सरी की स्थापना नहीं होने से किसान भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। इसको लेकर बोलांवाली गांव के किसान कपिल सहारण ने जिला प्रभारी मंत्री को पत्र लिखकर बजट वर्ष 2026-27 में हनुमानगढ़ में राजकीय नर्सरी स्थापित करने की मांग उठाई है। पत्र में बताया गया है कि हनुमानगढ़ जिले में किन्नू की बागवानी की अपार संभावनाएं हैं और हर वर्ष बागवानी क्षेत्रफल में वृद्धि हो रही है। किसान परंपरागत फसलों के स्थान पर फल-सब्जी व बागवानी फसलों की ओर रुख कर रहे हैं, क्योंकि इससे प्रति हेक्टेयर अधिक लाभ प्राप्त होता है। बावजूद इसके जिले में एक भी राजकीय या राजहंस नर्सरी उपलब्ध नहीं है।
नर्सरी के अभाव में किसानों को हरियाणा व पंजाब जैसे पड़ोसी राज्यों से पौधे मंगवाने पड़ते हैं, जिससे समय और लागत दोनों बढ़ जाती है। साथ ही पौधों की गुणवत्ता को लेकर भी अनिश्चितता बनी रहती है। किसानों का कहना है कि यदि जिले में ही आधुनिक राजकीय नर्सरी स्थापित हो जाए तो उन्हें समय पर उच्च गुणवत्ता के पौधे मिल सकेंगे और बागवानी को और बढ़ावा मिलेगा। किसान कपिल साहरण ने पत्र में आग्रह किया है कि जिला मुख्यालय पर कृषि अनुसंधान केंद्र (एटीसी) फार्म पर आधुनिक राजकीय नर्सरी स्थापित की जाए, ताकि जिले के किसानों को स्थानीय स्तर पर ही पौध सामग्री उपलब्ध हो सके।
किसानों का मानना है कि राजकीय नर्सरी की स्थापना से न केवल लागत घटेगी बल्कि बागवानी उत्पादन में भी वृद्धि होगी और जिले की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। अब निगाहें राज्य सरकार और बजट पर टिकी हैं कि इस मांग पर क्या फैसला होता है।



