



ग्राम सेतु ब्यूरो.
बीती देर रात जब आईएएस अफसरों की तबादला सूची जारी हुई, तो सरकारी गलियारों से लेकर मोबाइल स्क्रीन तक एक नाम चमक उठा। वही नाम, जो काम से बोलता है और दिखावे से दूर रहता है। मुख्यमंत्री कार्यालय और जनसंपर्क विभाग, दोनों की धड़कन अब एक ही अफसर के हाथों में है। यह नियुक्ति भरोसे की मुहर है। राजस्थान की ब्यूरोक्रेसी में यह संदेश साफ है, काम बोलेगा, और वही आगे बढ़ेगा।
सीनियर आईएएस डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी को मुख्यमंत्री और जनसंपर्क विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है। खास बात यह है कि जनसंपर्क विभाग स्वयं मुख्यमंत्री के पास है। ऐसे में इस विभाग की सचिवीय जिम्मेदारी मिलना साधारण प्रशासनिक फेरबदल नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री के सीधे विश्वास का प्रमाण है।
सरकार की नीतियां जनता तक कैसे, कब और किस भाषा में पहुंचें, यह तय करने में जनसंपर्क विभाग की भूमिका अहम होती है। ऐसे संवेदनशील विभाग की कमान डॉ. सोनी को मिलना बताता है कि सरकार को उनकी प्रशासनिक समझ और संप्रेषण क्षमता पर पूरा भरोसा है।

आईएएस में चयन के बाद से ही डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी अपनी विशिष्ट और अनुशासित कार्यशैली के लिए पहचाने जाते रहे हैं। नागौर, अलवर और जयपुर जैसे अहम जिलों में बतौर जिला कलेक्टर उन्होंने प्रशासन को केवल फाइलों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि आमजन से जोड़कर देखा।
जनसुनवाई हो या योजनाओं का क्रियान्वयन या फिर नवाचार। उनका तरीका सीधा, स्पष्ट और परिणामोन्मुख रहा। यही कारण है कि वे आम नागरिकों में भी लोकप्रिय रहे। अफसर कम, समाधान ज़्यादा, यह उनकी कार्यशैली का सार रहा है। डॉ. सोनी को केवल अफसर कहना उनके व्यक्तित्व के साथ नाइंसाफी होगी। 31 मार्च को नई दिल्ली में उन्हें राजस्थानी कृति ‘भरखमा’ के लिए केंद्रीय ’’साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
यह उपलब्धि साबित करती है कि प्रशासनिक व्यस्तताओं के बीच भी रचनात्मकता जीवित रखी जा सकती है। साहित्य और प्रशासन का यह संगम उन्हें भीड़ से अलग खड़ा करता है। राजस्थानी भाषा और संस्कृति के लिए यह सम्मान पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात मानी जा रही है।
हनुमानगढ़ जिले के रावतसर के पास गांव धन्नासर निवासी, 2010 बैच के आईएएस डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी के मुख्यमंत्री सचिव बनने पर पूरे जिले में खुशी का माहौल है। नागरिकों ने इसे ‘हनुमानगढ़ का गौरव’ बताया है।

भाजपा के जिला उपाध्यक्ष ओम सोनी ने कहा कि डॉ. सोनी स्वर्णकार समाज के गौरव हैं और इतनी बड़ी जिम्मेदारी मिलने से समाज स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि डॉ. सोनी मुख्यमंत्री कार्यालय में अपनी विशिष्ट कार्यशैली की छाप छोड़ेंगे।

स्वर्णकार समाज के जिलाध्यक्ष एवं भाजपा नेता मुरलीधर सोनी ने डॉ. सोनी को पूरे समाज के लिए रोल मॉडल बताया। उन्होंने कहा कि साधारण पृष्ठभूमि से असाधारण मुकाम तक पहुंचने की उनकी कहानी युवाओं के लिए प्रेरणा है। मुख्यमंत्री द्वारा काबिल अधिकारी को जिम्मेदारी देना दूरदर्शी फैसला है, जिसका लाभ राज्य की जनता को मिलेगा।

वरिष्ठ अधिवक्ता एमएल शर्मा ने कहा कि रावतसर ही नहीं, पूरे हनुमानगढ़ जिले के लोग खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। ऐसे सक्षम अफसर को बड़ी जिम्मेदारी मिलने से सरकार की कार्यक्षमता भी बेहतर होगी।

राजस्थानी भाषा के व्याख्याता सुरेंद्र कुमार स्वामी ने शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हर राजस्थानी को डॉ. सोनी पर गर्व है और वे इस नई भूमिका में बेहतरीन पारी खेलेंगे।
राजस्थान की प्रशासनिक राजनीति में यह नियुक्ति संकेत है, मेहनत, काबिलियत और जमीन से जुड़ाव अब भी मायने रखते हैं। डॉ. जितेंद्र कुमार सोनी का यह नया दायित्व न सिर्फ उनके लिए, बल्कि राज्य की प्रशासनिक संस्कृति के लिए भी एक अहम अध्याय साबित हो सकता है।








