February 2, 2026

2 thoughts on “मिट्टी दी खुशबू: आशक होवैं तां इशक कमावैं

  1. बहुत ही सुन्दर लेखन।
    आशक होवे ता इश्क कमावे,,,, क्या खूब लिखा शाह हुसैन जी ने

  2. वाह…एकदम नई जानकारी भाई साहब

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