




ग्राम सेतु ब्यूरो.
राज्य की भजनलाल सरकार अपने कार्यकाल का पहला और सबसे बड़ा जनकल्याण अभियान कल से शुरू करने जा रही है। 17 सितंबर से प्रदेश के हर गांव और शहर में ‘ग्रामीण व शहरी सेवा शिविर’ आयोजित होंगे, जिनमें एक ही स्थान पर 18 विभागों की सेवाएं जनता को उपलब्ध करवाई जाएंगी। सरकार का दावा है कि ‘पट्टों से लेकर पेंशन तक’ हर समस्या का निस्तारण अब शिविरों में होगा।

ग्रामीण अंचल में होने वाले इन शिविरों में लोगों को राजस्व, ग्रामीण विकास, पंचायती राज, चिकित्सा, पशुपालन, कृषि, ऊर्जा, खाद्य, सामाजिक न्याय, महिला एवं बाल विकास, श्रम, आपदा प्रबंधन समेत तमाम विभागों से जुड़े काम निपटाए जाएंगे। किसानों की लंबित रजिस्ट्री और गिरदावरी ऐप से लेकर नामान्तकरण, मूलनिवास व जाति प्रमाण पत्र मौके पर जारी होंगे।
गरीब परिवारों का सर्वे, स्कूलों की मरम्मत, वृक्षारोपण, स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, बीज किट वितरण और पेंशन योजना जैसी सुविधाएं सीधे लाभार्थियों तक पहुंचेंगी। पालनहार योजना, मुख्यमंत्री घुमन्तु आवास योजना और आपदा पीड़ितों के लिए मुआवजा मंजूरी भी यहीं होगी।

साफ-सुथरे और सुरक्षित शहर की ओर
शहरी सेवा शिविरों का मकसद है शहरों को सुंदर, सुव्यवस्थित और बेहतर सुविधाओं से लैस करना। शहरों में वृहद स्तर पर सफाई, सड़क मरम्मत और स्ट्रीट लाइट दुरुस्ती का काम होगा। नालियों व सीवर की मरम्मत, आवारा पशुओं की पकड़ाई और पार्कों-चौराहों का सौंदर्यकरण होगा। जन्म-मृत्यु/विवाह पंजीयन, पट्टे, भवन स्वीकृति, नामान्तरण, लीज होल्ड से फ्री होल्ड तक के प्रकरणों का निस्तारण किया जाएगा। यूडी टैक्स जमा करने से लेकर मुफ्त बिजली योजना तक की सुविधाएं यहीं मिलेंगी। पीएम स्वनिधि, अटल पेंशन, विधवा/वृद्धावस्था पेंशन जैसी योजनाओं के लिए आवेदन और लाभ वितरण शिविर स्थल पर होगा। साथ ही ‘नमो पार्क’ और ‘नमो वन’ की स्थापना भी इन शिविरों के जरिए की जाएगी।

सरकार का लक्ष्य
इन शिविरों से जनता को “भटकते दरवाजे नहीं, एक ही छत के नीचे समाधान” मिलेगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि सरकार की प्राथमिकता जनता तक सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाना और प्रशासन को गांव-शहर की दहलीज पर खड़ा करना है। कल से शुरू हो रहे इन शिविरों पर पूरे प्रदेश की नजर रहेगी, क्योंकि इन्हें सरकार की पहली बड़ी परीक्षा माना जा रहा है।






