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भारत की प्रथम महिला शिक्षिका एवं महान समाज सुधारक सावित्रीबाई फुले की जयंती महात्मा ज्योतिबा फुले जागृत मंच की ओर से श्रद्धा, सम्मान और सामाजिक संकल्प के साथ मनाई गई। कार्यक्रम का आयोजन मंच के प्रदेश महामंत्री हरीराम सैनी के नेतृत्व में किया गया, जिसमें समाज के प्रबुद्धजनों, कार्यकर्ताओं एवं युवाओं की उल्लेखनीय सहभागिता रही। इस अवसर पर सावित्रीबाई फुले के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया गया। प्रदेश महामंत्री हरीराम सैनी ने कहा कि सावित्रीबाई फुले ने उस दौर में महिलाओं और वंचित वर्गों की शिक्षा के लिए संघर्ष किया, जब समाज में अज्ञान, कुरीतियों और भेदभाव की जड़ें गहरी थीं। उन्होंने कहा कि सावित्रीबाई फुले का संपूर्ण जीवन नारी सशक्तिकरण, समानता और सामाजिक न्याय का जीवंत उदाहरण है। आज आवश्यकता इस बात की है कि उनके विचारों को केवल स्मरण तक सीमित न रखकर व्यवहार में उतारा जाए।
उन्होंने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले ने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे सशक्त माध्यम माना और जीवनभर सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ संघर्ष किया। महात्मा ज्योतिबा फुले जागृत मंच का उद्देश्य भी समाज में समानता, भाईचारा और शिक्षा के प्रति जागरूकता को सुदृढ़ करना है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे महापुरुषों के विचारों को अपनाकर समाज निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।
कार्यक्रम में उपस्थित अन्य वक्ताओं ने कहा कि सावित्रीबाई फुले ने बालिकाओं की शिक्षा, महिला अधिकारों और सामाजिक सुधार के क्षेत्र में ऐतिहासिक योगदान दिया। उनका संघर्ष आज भी प्रेरणास्रोत है और समाज को प्रगति की दिशा दिखाता है। ऐसे आयोजन सामाजिक चेतना को मजबूत करते हैं और सकारात्मक सोच के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस अवसर पर देवीलाल वर्मा, नंदकिशोर पप्पी, मदनलाल कालवां, फिरोज खान, नत्थु खान, बलविंद्र बराड़, बलदेव सिंह, विक्रम सिंह रामगढ़िया, गोविंद सोनी, विजय सोनी, सुरेश शर्मा, अनिल कुमार तथा युवा माली सैनी समाज के जिलाध्यक्ष विकास सैनी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने सावित्रीबाई फुले के जीवन से प्रेरणा लेकर सामाजिक समरसता, शिक्षा और जागरूकता के प्रसार हेतु निरंतर कार्य करने का संकल्प दोहराया।


