




ग्राम सेतु ब्यूरो.
जोधपुर विद्युत वितरण निगम श्रमिक संघ का त्रैवार्षिक अधिवेशन ऐतिहासिक संकल्पों और ठोस मांगों के साथ संपन्न हुआ। जोधपुर विद्युत वितरण निगम से जुड़े सैकड़ों कर्मचारियों की मौजूदगी में आयोजित इस अधिवेशन ने साफ संदेश दिया? राष्ट्र हित, उद्योग हित और श्रमिक हित एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि एक-दूसरे के पूरक हैं। अधिवेशन का आयोजन रामदेवरा स्थित जाट धर्मशाला में किया गया।
अधिवेशन की अध्यक्षता संघ अध्यक्ष जगदीश प्रसाद दाधीच ने की, जबकि उद्घाटन सोहन सिंह जैतमाल ने किया। कार्यक्रम का कुशल संचालन महामंत्री विनोद सोनी ने किया। कार्यक्रम का आगाज़ दीपक चतुर्वेदी और विनोद सोनी द्वारा प्रस्तुत ओजस्वी श्रमिक गीत से हुआ, जिसने पूरे पंडाल में जोश और एकजुटता का संचार कर दिया।

अधिवेशन की अध्यक्षता करते हुए जगदीश प्रसाद दाधीच ने प्रबंधन के समक्ष कर्मचारियों से जुड़े गंभीर और लंबित मुद्दे बेबाकी से रखे। उन्होंने कहा कि पाली, हनुमानगढ़ और जोधपुर जैसे सर्किलों को निजी हाथों में सौंपने की साजिश को संगठन किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देगा। यह केवल कर्मचारियों का नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं और प्रदेश की ऊर्जा सुरक्षा का प्रश्न है।
उन्होंने मांग की कि बिजली भत्ता बढ़ाया जाए तथा साइकिल भत्ते की जटिल प्रक्रिया समाप्त कर एक समान आदेश लागू किया जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में कर्मचारियों पर 24 घंटे ड्यूटी का दबाव तत्काल बंद हो। रीडिंग, रेवेन्यू और जीएसएस ड्यूटी एक साथ कराने से होने वाली तेल चोरी की घटनाओं में बिना समुचित जांच निर्दाेष कर्मचारियों, जैसे जगदीश कुमारकृका निलंबन रद्द किया जाए। तकनीकी कर्मचारियों को जयपुर और अजमेर डिस्कॉम की तर्ज पर नियुक्ति तिथि से अपग्रेडेशन का लाभ मिले। इंटर-डिस्कॉम ट्रांसफर नीति लागू हो और समय पर डीपीसी सुनिश्चित की जाए।
मुख्य अतिथि मुख्य अभियंता प्रेम सिंह चौधरी ने कर्मचारियों को डिस्कॉम की ‘रीढ़’ बताते हुए कहा कि भौगोलिक दृष्टि से जोधपुर डिस्कॉम सबसे बड़ा है और कर्मचारियों के समर्पण के कारण ही सोलर एनर्जी के क्षेत्र में इसे सर्वश्रेष्ठ स्थान मिला है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि संगठन द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों को वे व्यक्तिगत रूप से प्रबंधन के समक्ष रखेंगे।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी कर्मचारी का जायज अलाउंस नहीं रोका जाएगा। बिना जांच कार्रवाई के खिलाफ सख्त रुख अपनाया जाएगा और जांच कमेटियों में पारदर्शिता बढ़ाई जाएगी। साथ ही जानकारी दी कि 2600 यूनिट का नया प्लांट लगने से बिजली की कमी दूर होगी और डिस्कॉम लाभ की स्थिति में आएगा।
अधिवेशन को अखिल भारतीय राष्ट्रीय सचिव रामकरण रियाड, महासंघ उपाध्यक्ष रमाकांत गौड़, पूर्व अध्यक्ष धर्मेंद्र सांखला, स्वागत अध्यक्ष कृष्ण कुमार तायल एवं जबर सिंह पवार ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि मजबूत संगठन ही कर्मचारियों के अधिकारों की ढाल है और एकजुटता से ही हर चुनौती का सामना किया जा सकता है। मंच पर राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य करण सिंह राजपुरोहित, संजय टाक, मोतीलाल शर्मा (पाली) और अरुण कुमार भी अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
अधिवेशन के अंतिम सत्र में आगामी तीन वर्षों के लिए नई कार्यकारिणी की घोषणा की गई। सर्वसम्मति से संरक्षक सोहन सिंह जैतमाल और जबर सिंह पवार, अध्यक्ष करण सिंह राजपुरोहित (फलोदी), महामंत्री विनोद सोनी (जोधपुर), कोषाध्यक्ष जीवन लाल देवासी (पाली), कार्यकारी अध्यक्ष राजेंद्र सीकर (हनुमानगढ़), संगठन मंत्री शिवदत्त गौड़ (बीकानेर) सहित कुल 65 पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई। हनुमानगढ़ से डिस्कॉम उपाध्यक्ष हरपाल बेनीवाल, कार्यसमिति सदस्य भरत गोदारा (पल्लू), हरगोविंद सिंह (संगरिया), सोहनलाल (संगरिया), संदीप मान (टीबी), हमीर सिंह शेखावत, कृष्ण सियाग, दिलावर सिंह और रामकुमार बिशु को भी महत्वपूर्ण दायित्व दिए गए। हनुमानगढ़ से 140 कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने अधिवेशन को खास मजबूती दी।
अधिवेशन के समापन पर नवनियुक्त अध्यक्ष करण सिंह राजपुरोहित ने सभी प्रतिनिधियों का आभार जताया और कर्मचारियों के हक की लड़ाई को और तेज करने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि संवाद, संघर्ष और संगठन, इन्हीं तीन स्तंभों पर श्रमिक हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाएगी। नवनिर्वाचित कार्यकारी अध्यक्ष राजेंद्र सीकर ने कहाकि निजीकरण किसी सूरत में बर्दाश्त में नहीं करेंगे। क्योंकि यह न तो उपभोक्ताओं के हित में है और न ही कर्मचारियों के हित में। इसलिए संगठन स्तर पर पुरजोर विरोध किया जाएगा।




