



ग्राम सेतु ब्यूरो.
भद्रकाली मेले को सुव्यवस्थित, सुरक्षित और श्रद्धालु-अनुकूल बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में हनुमानगढ़ में जिला कलक्टर डॉ. खुशाल यादव की अध्यक्षता में खास बैठक हुई, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में श्रद्धालुओं की सुविधाओं, यातायात, सुरक्षा, चिकित्सा, सफाई और प्रकाश व्यवस्था सहित तमाम पहलुओं पर गहन मंथन किया गया।
बैठक में हनुमानगढ़ सेवा समिति (भारत क्लब) ने मेले के दौरान उत्पन्न होने वाली संभावित समस्याओं को रेखांकित करते हुए ठोस सुझाव रखे। समिति के अध्यक्ष मदन गोपाल जिंदल एवं सचिव सुनील धुड़िया ने जिला कलक्टर को बताया कि माँ भद्रकाली मंदिर जाने वाले मार्ग की कुल चौड़ाई 82 फीट है, जिस पर सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा चौड़ीकरण एवं पुनर्निर्माण का कार्य चल रहा है। हालांकि, घग्घर नदी के बंधे पर स्थित हनुमान मंदिर से आगे लगभग 500 मीटर का हिस्सा अब भी ग्रामीण सड़क के रूप में है, जहां सड़क की स्थिति अत्यंत जर्जर है और दोनों ओर शोल्डर असमतल होने से दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। समिति ने इस हिस्से का शीघ्र निर्माण एवं दोनों ओर शोल्डर बनाने के लिए सार्वजनिक निर्माण विभाग को निर्देश जारी करने की मांग की।
समिति ने यह भी बताया कि वर्तमान में हनुमानगढ़ जंक्शन क्षेत्र में देवस्थान विभाग द्वारा की जा रही पार्किंग व्यवस्था मेला क्षेत्र के बिल्कुल मध्य में पड़ती है, जिससे श्रद्धालुओं को भारी असुविधा होती है। इस पार्किंग को मेला क्षेत्र से बाहर स्थानांतरित करने के लिए देवस्थान विभाग को निर्देशित करने का आग्रह किया गया। इसके साथ ही हनुमानगढ़ टाउन से निकलते ही भद्रकाली मोड़ से कॉटन फैक्ट्री तक अंधेरे की समस्या बताते हुए नगरपरिषद को पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के आदेश देने की मांग रखी गई।
यातायात प्रबंधन को लेकर समिति ने सुझाव दिया कि मुख्य मेला दिवस पर चार पहिया वाहनों को अमरपुरा थेड़ी मोड़ पर ही रोककर पार्किंग करवाई जाए तथा वहां से मेला क्षेत्र तक ई-रिक्शा संचालन की अनुमति दी जाए। चिकित्सा व्यवस्था के तहत 19 मार्च से 27 मार्च तक प्रतिदिन सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक चिकित्सा दल एवं रोगी वाहन तैनात रखने की मांग की गई। सफाई व्यवस्था के लिए देवस्थान विभाग को नियमित सफाई, कचरा पात्र, ऑटो टिपर की व्यवस्था तथा मेला समाप्ति के बाद पूरे क्षेत्र की पूर्ण सफाई के निर्देश देने पर जोर दिया गया। आगजनी की घटनाओं से बचाव हेतु दमकल वाहन की तैनाती के लिए नगरपरिषद को निर्देश जारी करने की मांग भी उठी।
नवरात्रों के दौरान श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए समिति ने दूध, दही, पनीर जैसे दुग्ध उत्पादों के लिए गंगमूल डेयरी के बूथ लगाने, पेयजल के लिए प्रतिदिन तीन टैंकर देवस्थान विभाग से और एक ठंडे पानी का टैंकर गंगमूल डेयरी से उपलब्ध करवाने का सुझाव दिया। ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए मुख्य मेले के दिन मेला क्षेत्र में केवल निर्धारित स्थानों से सूचना प्रसारण की अनुमति देने की बात कही गई।
समिति ने बताया कि नवरात्रों में श्रद्धालु प्रातः 4 बजे से पैदल यात्रा शुरू कर देते हैं और देर रात तक आवागमन रहता है। ऐसे में अमरपुरा थेड़ी मोड़ से मंदिर तक, मेला क्षेत्र के मुख्य मार्गों तथा मनियारी बाजार में पर्याप्त स्ट्रीट लाइट लगाने, मोबाइल शौचालय उपलब्ध कराने एवं उनकी नियमित सफाई कराने की आवश्यकता बताई गई। इसके अतिरिक्त पॉलिथिन थैलियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने, नवमी के दिन बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए ई-रिक्शा संचालन, पार्किंग स्थलों पर निर्धारित दरों के बोर्ड लगाने और उनकी नियमित जांच कराने की मांग भी रखी गई।
भारत क्लब के पदाधिकारियों ने बैठक में जानकारी दी कि मेले के दौरान समिति स्वयं भी व्यापक स्तर पर सेवाएं देगी। समिति द्वारा सबमर्सिबल, बड़ी टंकी, एक टैंकर तथा लगभग 30 स्वयंसेवकों के माध्यम से पेयजल व्यवस्था की जाएगी। चिकित्सा सुविधा, निःशुल्क जूताघर, खोया-पाया केंद्र की व्यवस्था रहेगी, जहां गुमशुदा बच्चों व सामान की सूचना प्रसारित की जाएगी। मंदिर प्रांगण में स्वयंसेवक सुरक्षाकर्मियों के सहयोग से दर्शन व्यवस्था को सुगम बनाएंगे। इसके अलावा प्रथम नवरात्र से अष्टमी तक प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक भंडारे का आयोजन होगा, जबकि नवमी के दिन भंडारा महिला विश्राम गृह समिति के कार्यालय के पीछे आयोजित किया जाएगा।
बैठक में जिला कलक्टर ने सभी सुझावों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश देने का आश्वासन दिया, ताकि भद्रकाली मेला श्रद्धा, सुरक्षा और सुव्यवस्था का उदाहरण बन सके। बैठक में एडीएम उम्मेदीलाल मीणा, सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा, सांख्यिकी विभाग के सहायक निदेशक विनोद गोदारा, देवस्थान विभाग के प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता बालकृष्ण गोल्याण, ग्राम पंचायत प्रशासक रोहित स्वामी, प्रेमरतन पारीक आदि मौजूद थे।







