





ग्राम सेतु खेल डेस्क.
विशाखापटनम मेडटेक जोन में आयोजित तीसरी नेशनल पैरा कबड्डी चैंपियनशिप में राजस्थान की पैरा कबड्डी टीम ने दमदार खेल का प्रदर्शन करते हुए फाइनल में प्रवेश कर लिया है। लीग चरण से लेकर नॉकआउट मुकाबलों तक राजस्थान की टीम ने रेड, डिफेंस और ऑलराउंड कोऑर्डिनेशन में जबरदस्त संतुलन दिखाया और हर मुकाबले में अपनी श्रेष्ठता साबित की। सेमीफाइनल में हरियाणा जैसी मजबूत टीम को एकतरफा अंदाज में हराकर राजस्थान ने यह जता दिया कि वह खिताब की प्रबल दावेदार है।
टूर्नामेंट के लीग चरण में राजस्थान की टीम ने शुरुआत से ही आक्रामक रणनीति अपनाई। पहले मुकाबले में झारखंड को 22-2 से हराते हुए टीम ने मजबूत डिफेंस लाइन और सटीक टैकलिंग का बेहतरीन नमूना पेश किया। इसके बाद तमिलनाडु के खिलाफ खेले गए मैच में राजस्थान के रेडर्स ने लगातार सुपर रेड और बोनस पॉइंट हासिल करते हुए 54-13 की बड़ी जीत दर्ज की। तीसरे लीग मुकाबले में मध्य प्रदेश के खिलाफ राजस्थान ने पूरी तरह दबदबा बनाते हुए 70-18 से जीत हासिल की, जिसमें टीम की ऑलआउट रणनीति निर्णायक साबित हुई। वहीं पंजाब के खिलाफ मुकाबले में भी राजस्थान ने तेज रेडिंग और मजबूत एंटी-रेड डिफेंस के दम पर 54-13 से शानदार जीत दर्ज की और लीग चरण में खुद को शीर्ष दावेदार के रूप में स्थापित किया।
लीग के बाद क्वार्टरफाइनल मुकाबला राजस्थान के लिए सबसे चुनौतीपूर्ण रहा। महाराष्ट्र के खिलाफ खेले गए इस रोमांचक मैच में दोनों टीमों के बीच आखिरी मिनट तक कांटे की टक्कर देखने को मिली। राजस्थान के रेडर्स ने दबाव में भी संयम बनाए रखा और निर्णायक रेड में जरूरी अंक जुटाए। डिफेंस ने भी अहम मौकों पर सफल टैकल करते हुए टीम को 74-69 से जीत दिलाई और सेमीफाइनल का रास्ता साफ किया।
सेमीफाइनल में राजस्थान का सामना हरियाणा से हुआ, जहां टीम ने पूरी तरह नियंत्रण में खेल दिखाया। शुरुआती रेड से ही राजस्थान ने लय पकड़ ली और हरियाणा के रेडर्स को लगातार खाली हाथ लौटने पर मजबूर किया। राजस्थान की डिफेंस यूनिट ने ब्लॉक, चेन टैकल और एंकल होल्ड में शानदार तालमेल दिखाया। नतीजतन राजस्थान ने यह मुकाबला 32-13 से जीत लिया और फाइनल में जगह बना ली।
राजस्थान टीम के इंचार्ज अर्जुन अवार्डी जगसीर सिंह ने बताया कि टीम ने पिछले वर्ष दूसरी नेशनल पैरा कबड्डी चौंपियनशिप में भी रजत पदक जीता था। उन्होंने कहा कि इस बार टीम पहले से ज्यादा संतुलित और आत्मविश्वास से भरी हुई है। खिलाड़ियों की फिटनेस, तकनीकी समझ और अनुशासित प्रशिक्षण का ही परिणाम है कि टीम लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रही है।
राजस्थान पैरा कबड्डी संघ की सचिव संदीप कौर और अध्यक्ष जितेंद्र गुप्ता ने टीम के फाइनल में पहुंचने पर खुशी जताते हुए खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश में पैरा खेलों के बढ़ते स्तर और खिलाड़ियों की मेहनत का प्रमाण है।
टीम की इस सफलता के पीछे पंद्रह दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर की भी अहम भूमिका रही, जो कोच सुनील कुमार सामरिया के नेतृत्व में अम्बेडकर भवन, हनुमानगढ़ में आयोजित किया गया था। इस शिविर में खिलाड़ियों को रेडिंग तकनीक, डिफेंस स्ट्रैटेजी, मैच सिचुएशन और स्टैमिना पर विशेष प्रशिक्षण दिया गया। शिविर के आयोजन में राही सोशल वेलफेयर सोसायटी और जनसहयोग का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
राही सोशल वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष योगेश कुमावत ने बताया कि यह प्रशिक्षण शिविर समाजसेवी संस्था और स्थानीय लोगों के सहयोग से लगाया गया, ताकि खिलाड़ियों को प्रतियोगिता से पहले उच्चस्तरीय तैयारी का अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि संसाधनों के बावजूद खिलाड़ियों का हौसला और समर्पण उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
योगेश कुमावत ने बताया कि राजस्थान टीम को एडवोकेट शंकर सोनी द्वारा शहीद स्मारक से रवाना किया गया था। इस अवसर ने खिलाड़ियों में वीर शहीदों के प्रति सम्मान और जीत का आत्मविश्वास भर दिया, जो मैदान पर उनके खेल में साफ नजर आया।
अब फाइनल मुकाबले में राजस्थान का सामना हिमाचल प्रदेश से होगा। यह मैच गोल्ड मेडल के लिए खेला जाएगा और दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिलेगा। पूरे प्रदेश की निगाहें अब इस निर्णायक मुकाबले पर टिकी हुई हैं और खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि राजस्थान की टीम अपने शानदार प्रदर्शन को जारी रखते हुए स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचेगी।






