



पद्मेश सिहाग.
आज युवाओं की भाग-दौड़ भरी जीवन शैली में शिक्षा के साथ-साथ खेल भी जरूरी है। ग्रामीण क्षेत्र के खेल मैदान युवाओं के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास के लिए महत्तवपूर्ण हैं। जो स्वस्थ आदतों को बढ़ाने, आत्मविश्वास बढ़ाने, रचनात्मकता विकसित करने के साथ-साथ नेतृत्व एवं टीम भावना को विकसित करने में वरदान साबित हो रहे हैं। इसके अलावा युवाओं का खाली समय खेलों में व्यतीत होने पर नशे और मोबाइल स्क्रीन समय कम होता है। ग्रामीण क्षेत्र में खिलाड़ियों की अभिरुचि को दखते हुए ग्रामीण विकास की विभिन्न योजनाओं के सहयोग से इन खेल मैदानों का विकास किया है।

जिले में युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए बजट घोषणा-2025 के तहत 5000 से अधिक आबादी वाली 116 ग्राम पंचायतों ओपन जिम व खेल मैदान विकसित करने का लक्ष्य था, जिसमें से सभी 116 ग्राम पंचायतों में ओपन जिम विकसित हो चुके हैं।
जिले की 116 ग्राम पंचायतों में से 80 ग्राम पंचायतों में खेल मैदान बन कर तैयार बनकर तैयार हैं, जिनमें से मुख्यतः ग्राम पंचायत खाराखेड़ा, मिर्जावाली मेर, पीरकामड़िया, दुलमाना, डबलीबास मिढ़ारोही, अजीतपुरा, नेठराना, कलाना, झांसल, बोलांवाली, ढ़ाबां, मानकसर, नाथवाना, सोनड़ी, चक सरदारपुरा, देईदास, फेफाना, मलवानी, चौहिलांवाली, रामसरा नारायण, रणजीतपुरा, श्रीनगर, 4डीडब्ल्यूएम, बरमसर, गंधेली, पोहड़का, न्योलखी इत्यादि हैं।

शेष ग्राम पंचायतों में खेल मैदान विकास कार्य प्रगतिरत हैं जो इसी वित्तीय वर्ष में पूर्ण करवा दिये जायेंगे। जहां खेल मैदान विकसित हो चुके हैं उन गांवों में बच्चों, युवाओं की खेल गतिविधियों में भागीदारी बढ़ने के साथ-साथ पंजीकरण बढ़ा है एवं युवाओं की उर्जा खेलों की तरफ मोड़ने में कारगर साबित हो रहे है। इन खेल मैदानों के कारण बच्चों में खेल भावना विकसित हो रही है, सुबह-शाम खेलों में समय व्यतीत करने लेगे हैं, खेलों में भविष्य तलाशने की ललक पैदा हुई है जो नशे से दूरी बनाने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी ओ. पी. बिश्नोई के अनुसार आज हमें बच्चों पर निगरानी रखने व सही दिशा दिखाने की महती जरूरत है। बच्चों व युवाओं को बेहतर शिक्षा, खेलकूद, व अन्य पाठ्येत्तर गतिविधियों (आर्टस, फोटोग्राफी, डिजाइनिंग, सिंगिग, डांस, ड्रामा इत्यादि) में भाग लेने हेतु प्रेरित किया जाना चाहिए ताकि बच्चे व युवा गलत संगत में ना रहे व अपनी उर्जा का सही दिशा मे उपयोग कर सकें। जिले में नशे के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान में भी खेल मैदानों के विकास से सहयोग मिलेगा।


