



ग्राम सेतु ब्यूरो.
हनुमानगढ़ विधानसभा क्षेत्र की एसएसडब्ल्यू माइनर के पुनर्निर्माण कार्य को लेकर भाजपा नेता अमित चौधरी की सक्रिय पहल के चलते सिंचाई विभाग ने निर्माण की गुणवत्ता और लेवलिंग पर विशेष ध्यान देना शुरू किया है। झांबर से लेकर बहलोल नगर तक के गांवों के लिए जीवनरेखा मानी जाने वाली यह माइनर करीब 20 वर्ष पहले पक्की कराई गई थी, लेकिन समय के साथ इसकी हालत जर्जर हो गई थी। किसानों की लंबे समय से चली आ रही मांग के बाद अब इसका पुनर्निर्माण कार्य तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
बताया गया कि अमित चौधरी ने 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले किसानों से वादा किया था कि सरकार बनने पर एसएसडब्ल्यू व एफटीजी सहित अन्य माइनरों का पुनर्निर्माण कराया जाएगा। चुनाव परिणाम चाहे जो रहे हों, उन्होंने बजट स्वीकृत करवाकर एसएसडब्ल्यू माइनर के कार्य की शुरुआत करवाई। वर्तमान में माइनर का निर्माण लगभग 15 एसएसडब्ल्यू तक पूरा हो चुका है।
निर्माण के दौरान जहां-जहां तकनीकी या व्यावहारिक समस्याएं सामने आईं, वहां अमित चौधरी ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ मौके पर जाकर निरीक्षण किया और समाधान कराया। हाल ही में जयपुर हाईवे के आगे स्थित पुराने पुल के कारण माइनर की क्रॉसिंग में आ रही बड़ी बाधा को दूर करने के लिए पुल को तुड़वाया गया, ताकि पानी के प्रवाह में रुकावट न रहे।
पिछले रविवार को माइनर की लेवलिंग को लेकर किसानों की चिंता सामने आने पर सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता प्रदीप रस्तोगी, अधीक्षण अभियंता और अन्य अधिकारियों के साथ अमित चौधरी ने करीब छह किलोमीटर पैदल चलकर माइनर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान लेवलिंग में संभावित गड़बड़ियों को देखते हुए निर्माण कार्य अस्थायी रूप से रोकने और पहले लेवल जांच कर फिर कार्य शुरू करने के निर्देश दिए गए। ठेकेदार को भी स्पष्ट चेतावनी दी गई कि निर्माण गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
इस मौके पर निर्माण की निगरानी के लिए एक समिति गठित करने का निर्णय लिया गया, जो लेवलिंग की जांच कर कार्य की निगरानी करेगी। अब माइनर का निर्माण कार्य इसी समिति की देखरेख में आगे बढ़ेगा, ताकि किसानों को भविष्य में किसी तरह की तकनीकी परेशानी का सामना न करना पड़े।
भाजपा नेता जसपाल सिह सिद्धू के मुताबिक, एसएसडब्ल्यू माइनर हनुमानगढ़ विधानसभा क्षेत्र की एकमात्र ऐसी माइनर है जिसका हेड और टेल दोनों इसी क्षेत्र में स्थित हैं। यह माइनर कई गांवों की सिंचाई आवश्यकताओं को पूरा करती है, इसलिए इसके सही ढंग से निर्माण और संचालन को लेकर किसानों में विशेष संवेदनशीलता है। किसानों का कहना है कि यदि लेवलिंग में गड़बड़ी रही तो पानी का वितरण प्रभावित होगा और टेल क्षेत्र के किसानों को नुकसान उठाना पड़ेगा।
किसान प्रतिनिधियों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों और अमित चौधरी के प्रति आभार जताते हुए कहा कि लगातार निरीक्षण और मौके पर समाधान से निर्माण कार्य में पारदर्शिता बनी है। उनका मानना है कि समिति के गठन से अब कार्य की गुणवत्ता पर और बेहतर निगरानी हो सकेगी।




