



ग्राम सेतु ब्यूरो.
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के पर राजस्थान सरकार ने हनुमानगढ़ जिला मुख्यालय को बड़े मंच के रूप में चुना। जिला मुख्यालय स्थित धान मंडी में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी, प्रभारी मंत्री सुमित गोदारा सहित कई जनप्रतिनिधियों ने शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान सरकार ने महिलाओं से जुड़ी कई योजनाओं की शुरुआत की और विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों के खातों में डीबीटी के माध्यम से सहायता राशि भी हस्तांतरित की गई।
सभा की शुरुआत मुख्यमंत्री के स्वागत से हुई। उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी, प्रभारी मंत्री सुमित गोदारा, विधायक गणेशराज बंसल, विधायक संजीव बेनीवाल, भाजपा प्रदेश महामंत्री कैलाश मेघवाल, जिलाध्यक्ष प्रमोद डेलू, पूर्व मंत्री डॉ. रामप्रताप, सुरेंद्रपाल सिंह टीटी, पूर्व सांसद निहालचंद मेघवाल, भाजपा नेता अमित चौधरी, पूर्व विधायक धर्मेंद्र मोची और गुरदीप शाहपीनी सहित कई नेताओं ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। कार्यक्रम स्थल पर बड़ी संख्या में महिलाएं और ग्रामीण भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने महिलाओं के सशक्तिकरण को सरकार की प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि पुरुष और महिला समाज के दो पहिये हैं और महिलाओं के बिना पुरुष अधूरे हैं। जब तक महिलाएं सशक्त नहीं होंगी, तब तक परिवार और समाज मजबूत नहीं हो सकता। इसी सोच के साथ राज्य सरकार ने महिलाओं के लिए कई योजनाएं लागू की हैं, जिनका उद्देश्य उन्हें आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाना है।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री लाडो प्रोत्साहन योजना सहित अन्य योजनाओं की शुरुआत की। इसके साथ ही विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों के खातों में डीबीटी के माध्यम से सहायता राशि भी ट्रांसफर की गई। सरकार की ओर से इसे महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में अहम कदम बताया गया।
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में किसानों के मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने नहरी सिस्टम को सुधारने के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया है ताकि किसानों को पानी की समस्या से राहत मिल सके। उन्होंने फिरोजपुर फीडर का जिक्र करते हुए इसे सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया और कहा कि इससे क्षेत्र के किसानों को काफी फायदा होगा।
गेहूं पर बोनस बढ़ाने का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने सरकार को किसान हितैषी बताया। साथ ही उन्होंने किसान आंदोलनों को लेकर परोक्ष रूप से नाराजगी भी जताई। उन्होंने कहा कि कुछ लोग ऐसे हैं जो खुद खेतों को बंटाई पर दे देते हैं, लेकिन अपने आपको किसान नेता बताते हैं। ऐसे लोगों का नाम लिए बिना उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कुछ लोगों का मन तब तक नहीं लगता जब तक वे अधिकारियों के यहां जाकर चाय नहीं पी लेते।
इससे पहले उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी ने अपने संबोधन में सभी महिलाओं को महिला दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान और अधिकारों की बात केवल एक दिन की नहीं है, बल्कि वास्तव में हर दिन महिलाओं का ही दिन होता है। हालांकि महिला दिवस का दिन विशेष रूप से महिलाओं के योगदान और शक्ति को याद करने का अवसर देता है।
उन्होंने इतिहास की वीरांगना पन्ना धाय को याद करते हुए कहा कि भारतीय परंपरा में महिलाओं ने हमेशा साहस, त्याग और नेतृत्व का उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा कि आज देश और राज्य की अर्थव्यवस्था में भी महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। केंद्रीय स्तर पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण देश का बजट पेश करती हैं और राजस्थान में राज्य का बजट पेश करने का अवसर उन्हें मिला है। यह महिलाओं के लिए गर्व की बात है और यह भारतीय जनता पार्टी की सोच को दर्शाता है कि महिलाओं को नेतृत्व और अवसर दोनों दिए जाएं।
कार्यक्रम के दौरान सरकार की योजनाओं और घोषणाओं के जरिए महिला सशक्तिकरण, किसान हित और विकास के मुद्दों को प्रमुखता से सामने रखा गया। महिला दिवस के मौके पर आयोजित यह कार्यक्रम राजनीतिक और सामाजिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


