





ग्राम सेतु ब्यूरो.
गणतंत्र दिवस के मौके पर हनुमानगढ़ देशभक्ति के रंग में सराबोर नजर आया, जब रिंग ग्रुप राजस्थान के तत्वावधान में विशाल तिरंगा रैली का आयोजन किया गया। इस रैली ने ‘हिंदू-मुस्लिम-सिख-ईसाई, आपस में हैं भाई-भाई’ के भाव को ज़मीन पर उतरी हुई सच्चाई के रूप में प्रस्तुत किया। काफी संख्या में युवाओं की सहभागिता वाली यह रैली सर्वधर्म एकता और राष्ट्रीय अखंडता का प्रभावशाली संदेश देती हुई शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी।
रैली की शुरुआत सेक्टर-12 स्थित सामुदायिक भवन से हुई, जहां देशभक्ति गीतों और भारत माता के जयकारों के बीच प्रतिभागियों ने हाथों में तिरंगा थामकर कदम बढ़ाए। यह रैली भारत माता चौक, हनुमानगढ़ टाउन तक निकाली गई। मार्ग में जगह-जगह आम नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर रैली का स्वागत किया। तिरंगे के रंग में रंगे युवा, बुजुर्ग और बच्चे जब एक साथ आगे बढ़े तो दृश्य अपने आप में प्रेरणादायक बन गया।
मुख्य अतिथि निवर्तमान सभापति सुमित रणवां थे। विशिष्ट अतिथि के तौर पर बेबी हैप्पी कॉलेज के डायरेक्टर तरुण विजय, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष देवेंद्र पारीक, समाजसेवी लकी बंसल और मुखी राजस्थान खालसा फौज के वीर सिंह खालसा विशेष रूप से उपस्थित रहे। अतिथियों ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और युवाओं के इस जोश की सराहना की।
वक्ताओं ने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल एक सरकारी उत्सव नहीं, बल्कि संविधान की आत्मा और देश की विविधता में एकता का उत्सव है। आज के समय में जब समाज को तोड़ने वाली आवाजें सुनाई देती हैं, ऐसे में तिरंगे के नीचे सभी धर्मों, वर्गों और समुदायों का एक साथ आना देश की सबसे बड़ी ताकत को दर्शाता है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे देशभक्ति को सिर्फ एक दिन तक सीमित न रखें, बल्कि अपने आचरण और सोच में इसे उतारें।
रैली में शामिल युवाओं का उत्साह देखते ही बनता था। हाथों में लहराता तिरंगा, होठों पर देशभक्ति के नारे और आंखों में गर्व, यह सब मिलकर यह साबित कर रहा था कि देश का भविष्य सुरक्षित हाथों में है। कई युवाओं ने कहा कि ऐसी रैलियां समाज में आपसी भाईचारे को मजबूत करती हैं और नई पीढ़ी को सही दिशा दिखाती हैं।
इस आयोजन को सफल बनाने में रैली के आयोजक प्रशांत सोनी, नासिर खान, अशरफ जोइया और अर्जुन शाक्य की अहम भूमिका रही। आयोजकों ने बताया कि रिंग ग्रुप राजस्थान का उद्देश्य समाज में सकारात्मक ऊर्जा फैलाना, युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ना और सर्वधर्म समभाव की भावना को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि यह रैली किसी एक वर्ग या संगठन की नहीं, बल्कि पूरे भारत की आत्मा का प्रतिनिधित्व करती है।
कुल मिलाकर, गणतंत्र दिवस के मौके पर निकली यह विशाल तिरंगा रैली हनुमानगढ़ के लिए सिर्फ एक आयोजन नहीं, बल्कि एक संदेश थी कि धर्म अलग-अलग हो सकते हैं, भाषाएं अलग हो सकती हैं, लेकिन तिरंगा हम सबको एक सूत्र में बांधता है। यही भारत की असली पहचान है और यही गणतंत्र की सच्ची भावना।



