




ग्राम सेतु ब्यूरो.
यूजीसी जारी अधिसूचना और नियमों को लेकर ब्राह्मण समाज सहित सवर्ण वर्ग में गहरा असंतोष व्याप्त है। इस संबंध में आम आदमी पार्टी नेता सचिन कौशिक के नेतृत्व में प्रतिनिणिमंडल जिला कलक्टर डॉ. खुशाल यादव से मिला और उन्हें मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम ज्ञापन सौंपकर नियमों पर आपत्ति दर्ज कराई गई है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि इन नियमों के चलते शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच भय, मानसिक उत्पीड़न और सामाजिक भेदभाव का माहौल बन रहा है।
ब्राह्मण समाज व आम आदमी पार्टी की ओर से यह ज्ञापन देते हुए पार्टी प्रत्याशी रहे सचिन कौशिक ने कहा कि यूजीसी की नई अधिसूचना भारतीय संविधान के मूल सिद्धांतों के विपरीत है। उन्होंने आरोप लगाया कि केवल शिकायत के आधार पर पहले दोषी मान लेना और बाद में जांच करना ‘दोष सिद्ध होने तक निर्दाेष’ के संवैधानिक सिद्धांत का खुला उल्लंघन है। इससे शिक्षण संस्थानों में असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है और शिक्षक मानसिक दबाव में काम करने को मजबूर हैं।
सचिन कौशिक के अनुसार, ज्ञापन में स्पष्ट किया गया है कि बिना प्राथमिक और निष्पक्ष जांच के किसी शिक्षक या छात्र के खिलाफ कार्रवाई करना संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 का हनन है। इसके साथ ही यह भी आरोप लगाया गया है कि सामान्य एवं सवर्ण वर्ग को जानबूझकर टारगेट किया जा रहा है, जबकि झूठी और दुर्भावनापूर्ण शिकायतों पर रोक लगाने के लिए कोई ठोस प्रावधान नियमों में नहीं है।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि ब्राह्मण समाज, जिसने सदियों से शिक्षा, संस्कृति और संस्कारों की रक्षा की है, उसे आज अपमान और संदेह की दृष्टि से देखा जा रहा है। इससे समाज में असंतोष बढ़ रहा है और सामाजिक संतुलन बिगड़ने की आशंका है।
ब्राह्मण समाज की ओर से रखी गई प्रमुख मांगों में राज्य सरकार द्वारा इस विषय में केंद्र सरकार और यूजीसी से तत्काल हस्तक्षेप करना, बिना निष्पक्ष प्राथमिक जांच के किसी भी शिक्षक या छात्र पर कार्रवाई नहीं होना, झूठी शिकायत करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी प्रावधान लागू करना और सामान्य व सवर्ण वर्ग के संवैधानिक अधिकारों की स्पष्ट सुरक्षा सुनिश्चित करना शामिल है।
सचिन कौशिक ने कहा कि मुख्यमंत्री से उम्मीद है कि वे इस गंभीर विषय को प्राथमिकता से लेते हुए न्यायपूर्ण कदम उठाएंगे, ताकि समाज में विश्वास और संतुलन बना रहे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो समाज को लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से आंदोलन के लिए विवश होना पड़ेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
प्रतिनिधिमंडल में आम आदमी पार्टी के विधानसभा प्रत्याशी रहे सचिन कौशिक, राजस्थान सामाजिक मंच के डॉ. प्रेम सिंह शेखावत, प्रवीण सिंह, भूपेंद्र सिंह, सुरेश कुमार, राहुल कुमार, हंसराज शर्मा, एडवोकेट राजेंद्र सिंह, एडवोकेट बलविंद्र सिंह और सुभाष पारीक आदि शामिल थे।







