




ग्राम सेतु ब्यूरो.
राजधानी जयपुर के भांकरोटा क्षेत्र में आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन सामाजिक मंथन और भविष्य की दिशा तय करने वाला मंच बनकर उभरा। सम्मेलन में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी तथा राज्यसभा सदस्य मदन राठौड़ सहित कई प्रमुख राजनेताओं और समाज के प्रतिनिधियों ने शिरकत की। कार्यक्रम में वैश्य समाज की भूमिका, उसकी उपलब्धियां और आने वाले समय की चुनौतियों पर गंभीर चर्चा हुई।
सम्मेलन में हनुमानगढ़ जिले की ओर से अन्तर्राष्ट्रीय वैश्य महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष तरुण विजय, जिलाध्यक्ष बालकृष्ण गोल्याण, यूथ विंग अध्यक्ष अमित माहेश्वरी और आयोजन समिति सदस्य आशीष विजय ने भाग लिया। प्रतिनिधिमंडल ने एक स्वर में कहा कि वैश्य समाज केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि शिक्षा, प्रशासन, सरकारी सेवाओं और राजनीति में भी उसकी सशक्त भागीदारी समय की मांग है।
प्रदेश उपाध्यक्ष तरुण विजय ने कहा कि वैश्य समाज प्रतिभा के दम पर हर क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में समाज की युवा पीढ़ी लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही है और राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सफलता का परचम लहरा रही है। तरुण विजय ने जोर देकर कहा कि यदि समाज को दीर्घकालीन रूप से सशक्त बनाना है तो शिक्षा पर सबसे अधिक फोकस करना होगा। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही वह आधार है, जो समाज को नेतृत्व और निर्णय क्षमता प्रदान करती है।
जिलाध्यक्ष बालकृष्ण गोल्याण ने सम्मेलन को वैचारिक मंथन का सशक्त माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से समाज के भीतर विचारों का आदान-प्रदान होता है और भविष्य को लेकर स्पष्ट दृष्टि बनती है। गोल्याण ने कहा कि मंथन कार्यक्रमों के माध्यम से ऐसे ऐतिहासिक निर्णय निकलते हैं, जिनका लाभ समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े अंतिम व्यक्ति तक पहुंचता है। उन्होंने सामाजिक एकजुटता और संगठन की मजबूती पर भी बल दिया।
यूथ विंग के अध्यक्ष अमित माहेश्वरी ने युवाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि अब समय आ गया है जब वैश्य समाज को शिक्षा, व्यापार, प्रशासन और पुलिस जैसी सेवाओं के साथ-साथ राजनीति में भी उचित भागीदारी निभानी चाहिए। उन्होंने राजनीति को सेवा का सशक्त और सक्षम माध्यम बताते हुए कहा कि यदि समाज का प्रतिनिधित्व निर्णय लेने वाले मंचों पर होगा, तभी समाज की समस्याओं का स्थायी समाधान संभव है। उनके इस विचार पर सम्मेलन में उपस्थित लोगों ने जोरदार तालियों के साथ समर्थन जताया।
काबिलेगौर है कि कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने वैश्य समाज के योगदान को देश के हित में अविस्मरणीय बताया। उन्होंने कहा कि वैश्य समाज ने सदैव राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाई है, चाहे वह आर्थिक विकास हो, सामाजिक सेवा हो या शिक्षा का क्षेत्र। मुख्यमंत्री ने समाज के युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी परंपरागत उद्यमशीलता के साथ आधुनिक शिक्षा और तकनीक को जोड़कर देश को नई दिशा दें।
सम्मेलन के दौरान यह स्पष्ट संदेश सामने आया कि वैश्य समाज अब केवल आर्थिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि नीति निर्धारण और जनसेवा के क्षेत्रों में भी सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार है। भांकरोटा में हुआ यह महासम्मेलन समाज के लिए एक वैचारिक पड़ाव साबित हुआ, जहां भविष्य की राह शिक्षा, संगठन और जिम्मेदार राजनीतिक भागीदारी के जरिए तय करने का संकल्प लिया गया।







