



ग्राम सेतु डॉट कॉम.
भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के बैनर तले किसानों ने हनुमानगढ़ टाउन की कृषि उपज मंडी समिति कार्यालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। गुस्साए किसानों ने सीसीआई तथा व्यापारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। किसानों का कहना था कि नरमा और कपास की खरीद के दौरान ट्रेडर्स द्वारा गलत तरीके से वजन कटौती कर किसानों का हक छीना जा रहा है, जिसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बीकेयू के जिला उपाध्यक्ष काका सिंह रोडिकपूरा ने बताया कि सीसीआई द्वारा नरमे की खरीद जारी है, लेकिन फैक्ट्री मालिक 1 किलो से 7 किलो तक की अवैध काट कर रहे हैं, जो पूरी तरह निंदनीय और किसानों के साथ खुला छल है। उन्होंने कहा कि खरीद शुरू होने से पहले सभी फैक्ट्री मालिकों के साथ यह स्पष्ट समझौता हुआ था कि किसी भी प्रकार की काट नहीं की जाएगी, लेकिन इसके बावजूद व्यापारी अपनी मनमर्जी से वजन कटौती कर रहे हैं, जो स्पष्ट रूप से कालाबाजारी की श्रेणी में आता है।

किसान नेता काका सिंह ने जिला प्रशासन और राजस्थान सरकार से मांग की कि सीसीआई के अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश दिए जाएँ कि फैक्ट्री मालिक किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि में शामिल न हों। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया और फैक्ट्री मालिकों पर अंकुश नहीं लगाया तो भारतीय किसान यूनियन बड़ा आंदोलन शुरू करेगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।

धरने के दौरान किसानों में भारी रोष देखा गया। किसान नेता हरभगवान सिंह, विनोद कुमार, सोहनलाल, सतनाम सिंह, सुखविंदर सिंह, लवप्रीत सिंह, मेवा सिंह, मनदीप सिंह, महेंद्र सिंह, जगजीत सिंह, मेजर सिंह, गुरदेव सिंह, सुखदेव सिंह, रामकुमार चंडालिया समेत कई अन्य किसानों ने एक स्वर में कहा कि नरमा- कपास की खरीद में पारदर्शिता सुनिश्चित होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। किसानों ने साफ किया कि जब तक अवैध काट खत्म नहीं होती और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक उनकी लड़ाई जारी रहेगी।

