





ग्राम सेतु ब्यूरो.
वैश्विक स्तर पर बढ़ती अशांति, युद्ध और तनावपूर्ण हालात के बीच हनुमानगढ़ में एक प्रेरणादायक और भावनात्मक पहल देखने को मिली। महात्मा गांधी जीवन दर्शन समिति, हनुमानगढ़ के तत्वावधान में विश्व शांति एवं मानव कल्याण के लिए एक प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया, जिसमें शहर सहित आसपास के क्षेत्रों से आए लोगों ने भाग लिया।
सबने एक स्वर में विश्व में अमन-चैन, भाईचारे, सहिष्णुता और सद्भाव की स्थापना के लिए सामूहिक प्रार्थना की। सभा के दौरान भजनों, प्रार्थनाओं और प्रेरणादायक संदेशों के माध्यम से लोगों को शांति और एकता का महत्व समझाया गया।
जिला समन्वयक तरुण विजय ने कहा कि वर्तमान समय में जब विश्व के अनेक देशों में संघर्ष और हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं, ऐसे में महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा और प्रेम के सिद्धांत पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हो गए हैं। उन्होंने कहा कि विश्व शांति केवल सरकारों या संगठनों की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह अपने आचरण से शांति, सद्भाव और भाईचारे को बढ़ावा दे।
जिला युवा समन्वयक मनोज बड़सीवाल ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी को नकारात्मकता, हिंसा और विभाजनकारी सोच से दूर रहकर सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे सामाजिक एकता, राष्ट्रीय एकजुटता और मानवता के मूल्यों को सशक्त बनाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। उनका कहना था कि जागरूक और जिम्मेदार युवा ही समाज में स्थायी शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त कर सकते हैं।
सभा में उपस्थित घुमंतु अर्ध घुमंतु जनजाति टास्क फोर्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामदित्ता नेताला ने महात्मा गांधी के जीवन दर्शन को याद करते हुए कहा कि अहिंसा, प्रेम, सहनशीलता और आपसी सम्मान ही मानवता की सच्ची पहचान हैं। इन मूल्यों को अपनाकर ही विश्व में स्थायी शांति स्थापित की जा सकती है।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर विश्व शांति एवं मानव कल्याण के लिए प्रार्थना की। साथ ही यह संकल्प लिया गया कि वे अपने दैनिक जीवन में शांति, सद्भाव और सहयोग की भावना को बढ़ावा देंगे। नागरिकों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे समय की आवश्यकता बताया और भविष्य में भी ऐसे आयोजनों की निरंतरता बनाए रखने पर जोर दिया।
इस मौके पर कुम्हार समाज के जिलाध्यक्ष रामनिवास किरोड़ीवाल, के राज पेंटर, जुगल किशोर ढाका, चनणाराम घोड़ेला, प्रकाश पेंटर, सत्तार खान, यूसफ़ खान, होशियार सिंह यादव, गिरधारीलाल, लेखराम, गुरजंट सिंह, चंद्रपाल वर्मा, रामलाल, फुलेल सिंह, डॉ अशोक कुमार, पवन ढोकवाल, ओमप्रकाश देवर्थ, कृष्ण राम देवर्थ, विष्णु बिश्नोई, अमित शर्मा, मनप्रीत सिंह, कुलदीप कुमार, नितिन गर्ग, विजय गोयल, गुगनराम नायक, नानक राम, ओमप्रकाश गोयल, सूखा राम, द्वारका राम, देवानंद सहित अन्य लोग मौजूद थे।




