





ग्राम सेतु डेस्क
मेहनत अगर ईमानदार हो और मार्गदर्शन मजबूत, तो नतीजे खुद शोर मचाते हैं। हनुमानगढ़ स्थित कॉन्सेप्ट क्लासेज में मंगलवार को कुछ ऐसा ही नज़ारा देखने को मिला। जेईई मैन्स के ताज़ा परिणामों में संस्थान के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सफलता की एक और सुनहरी कहानी लिख दी। इस बार 17 विद्यार्थियों ने 95 परसेंटाइल से अधिक अंक अर्जित कर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे शहर का मान बढ़ाया।
परिणामों में प्रदुम्न बंसल ने 99.68 परसेंटाइल के साथ टॉप करते हुए संस्थान का नाम रोशन किया। उनके बाद हरसमन सिंह ने 99.51, अरिहंत गोदारा ने 99.21, आयुष जैन ने 99.06, दक्ष कर्मचंदानी ने 98.69, तनिश जिंदल और प्रतिभा चुघ ने 98.67, गौरव जांगिड़ ने 98.30, उज्ज्वल ने 97.58 और जशनप्रीत ने 97.34 परसेंटाइल अंक अर्जित किए। इन नतीजों से साफ है कि यह सफलता किसी एक छात्र की नहीं, बल्कि एक मजबूत शैक्षणिक परंपरा की देन है।
इस उपलब्धि के उपलक्ष्य में कॉन्सेप्ट क्लासेज के जिला न्यायालय परिसर के सामने स्थित नवनिर्मित भवन में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। समारोह में चयनित विद्यार्थियों का साफा बांधकर, माल्यार्पण कर और सम्मान प्रतीक देकर अभिनंदन किया गया। माहौल उत्सव जैसा था, चेहरों पर आत्मविश्वास, आंखों में सपने और तालियों में गर्व।
समारोह के मुख्य अतिथि बेबी हैप्पी एजुकेशन ग्रुप के चेयरमैन आशीष विजय ने कहाकि आज के परिणाम बताते हैं कि सफलता शॉर्टकट से नहीं, सिस्टम से मिलती है। इन बच्चों ने साबित किया है कि नियमित अभ्यास, सही मार्गदर्शन और धैर्य के साथ कोई भी लक्ष्य दूर नहीं रहता। यह केवल अंक नहीं, बल्कि अनुशासन की जीत है।”
विशिष्ट अतिथि और वरिष्ठ पत्रकार गोपाल झा ने कहाकि प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता केवल दिमाग की नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन की भी परीक्षा होती है। कॉन्सेप्ट क्लासेज ने बच्चों को पढ़ाई के साथ आत्मविश्वास दिया, यही इसकी सबसे बड़ी ताकत है। इन विद्यार्थियों ने आने वाली पीढ़ी के लिए एक मानक स्थापित किया है।
कॉन्सेप्ट क्लासेज के मैनेजिंग हेड सतनाम सिंह खोसा ने संस्थान की कार्यशैली पर प्रकाश डालते हुए कहा, ‘हम हमेशा रिजल्ट से ज्यादा प्रोसेस पर भरोसा करते हैं। हमारा फोकस कॉन्सेप्ट क्लियर करने पर रहता है, ताकि छात्र किसी भी सवाल से घबराएं नहीं। आज के नतीजे हमारी इसी सोच की पुष्टि करते हैं।’
सेंटर हेड ललित भटेजा ने कहा, ‘यह सफलता टीमवर्क का परिणाम है, स्टूडेंट्स, फैकल्टी और पेरेंट्स तीनों की। हमने बच्चों को एक ऐसा माहौल देने की कोशिश की, जहां सवाल पूछना कमजोरी नहीं, बल्कि ताकत माना जाता है।’
अकेडमिक हेड श्रवण यादव ने अपने संबोधन में कहा, ‘जेईई जैसी परीक्षा में रैंक से ज्यादा जरूरी है सोचने का तरीका। हमने बच्चों को रटने के बजाय समझने की आदत डाली। जब बेस मजबूत होता है, तो रिजल्ट अपने आप आता है।’
इस अवसर पर चयनित विद्यार्थियों ने भी अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि नियमित टेस्ट, डाउट सेशन और फैकल्टी का व्यक्तिगत मार्गदर्शन उनकी सफलता की कुंजी रहा। जूनियर छात्रों ने भी सवाल पूछे, जिनके जवाब सीनियर्स और शिक्षकों ने पूरे धैर्य के साथ दिए, यानी मंच पर सिर्फ सम्मान नहीं, सीख भी बंटी।
समारोह का समापन उत्साह और आत्मविश्वास के साथ हुआ। साफ संदेश था, अगर तैयारी सच्ची हो, तो हनुमानगढ़ जैसे शहर से भी राष्ट्रीय स्तर की सफलता निकल सकती है। कॉन्सेप्ट क्लासेज ने एक बार फिर साबित कर दिया कि परंपरागत मेहनत और अनुशासन आज भी सबसे भरोसेमंद फॉर्मूला है। कार्यक्रम में पूमन कुमावत, लोकेश नामदेव, विशाल सहारण, रामरतन, नीतू भटेजा, हिमांशु वधवा, जगमीत सिंह, अमीन हसन, पवन परिहार, रितु, रोहित, अजीत सिंह, राज, रेणु, रमेश, साहिल, सुरेंद्र व अनु आदि मौजूद रहे।








