



ग्राम सेतु ब्यूरो.
भीतरखाने मेहनत हो और नतीजे कागज़ों से बाहर दिखें तो उसे असली उपलब्धि कहते हैं। हनुमानगढ़ जिले ने राष्ट्रीय गैर संचारी रोग (एनपी-एनसीडी) कार्यक्रम में यही कर दिखाया है। मात्र दो महीनों में 13वें स्थान से राज्य में दूसरा स्थान हासिल करना यूँ ही नहीं होता। इसके पीछे सख़्त मॉनिटरिंग, ज़मीनी अमल, बेहतर डेटा प्रबंधन और पूरी स्वास्थ्य टीम की ईमानदार मेहनत है। सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा के नेतृत्व में जिले ने यह साबित किया है कि अगर सिस्टम चले, तो संसाधन खुद रास्ता बना लेते हैं। प्रस्तुत है सीएमएचओ डॉ. नवनीत शर्मा से विशेष बातचीत।
हनुमानगढ़ ने एनपी-एनसीडी रैंकिंग में 13वें से दूसरे स्थान तक की छलांग कैसे लगाई?
-यह सफलता किसी एक दिन का परिणाम नहीं है। हमने नियमित मॉनिटरिंग, फील्ड स्तर पर सख्त निगरानी और डेटा की गुणवत्ता सुधार पर विशेष ध्यान दिया। हर ब्लॉक और हर संस्थान की प्रगति की समीक्षा की गई। टीम को स्पष्ट लक्ष्य दिए गए और जिम्मेदारी तय की गई, उसी का नतीजा यह छलांग है।
एनपी-एनसीडी कार्यक्रम के तहत जिले में किन बिंदुओं पर विशेष फोकस किया गया?
-हमारा मुख्य फोकस 30 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों की समयबद्ध स्क्रीनिंग पर रहा। उच्च रक्तचाप, मधुमेह, ओरल, ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर, इन पांच प्रमुख गैर संचारी रोगों की पहचान, उपचार और नियमित फॉलोअप सुनिश्चित किया गया। साथ ही यह भी देखा गया कि मरीज इलाज के बीच में न छूटे।
दवाओं और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं की भूमिका को आप कैसे देखते हैं?
-दवाओं की शत-प्रतिशत उपलब्धता बेहद जरूरी है। अगर दवा नहीं होगी तो योजना कागजों तक ही सीमित रह जाएगी। हमने यह सुनिश्चित किया कि किसी भी स्तर पर दवा की कमी न हो। डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं से डेटा पारदर्शी हुआ, गलतियां घटीं और वास्तविक प्रदर्शन सामने आया।
इस उपलब्धि में जिला प्रशासन और स्वास्थ्य टीम का क्या योगदान रहा?
-यह पूरी तरह टीमवर्क का परिणाम है। जिला कलक्टर डॉ. खुशाल यादव के मार्गदर्शन में विभाग को स्पष्ट दिशा मिली। डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, आशा कार्यकर्ताओं और फील्ड कर्मचारियों ने समर्पण के साथ काम किया। बिना टीम के कोई अधिकारी अकेले कुछ नहीं कर सकता, यह सच्चाई है।
आने वाले समय में आपकी प्राथमिकताएं क्या रहेंगी?
-हमारा लक्ष्य अब पहले स्थान पर पहुंचना है, लेकिन उससे भी ज्यादा जरूरी है कि यह प्रदर्शन स्थायी रहे। हम स्क्रीनिंग की गुणवत्ता और फॉलोअप को और मजबूत करेंगे। साथ ही अन्य स्वास्थ्य योजनाओं को भी इसी गंभीरता से लागू किया जाएगा, ताकि आमजन को वास्तविक लाभ मिल सके।







