September 26, 2026

हेत री हथाई

रूंख भायला.राजी राखै रामजी ! देस होवै भाऊं समाज, घरबिध होवै चायै राजनीति, आं दिनां बात कैय’र...
डॉ. हरिमोहन सारस्वत ‘रूंख’.राजस्थानी में बातां री कमी कठै ! कह रे चकवा रात कटै ज्यूं, रात...