




ग्राम सेतु ब्यूरो.
हनुमानगढ़ के पास गांव अमरपुरा थेहड़ी स्थित मां भद्रकाली मंदिर में चैत्र नवरात्र की दुर्गा अष्टमी पर आस्था, परंपरा और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला। मां भद्रकाली के दरबार में उमड़े श्रद्धालुओं के बीच 101 कन्याओं के पूजन के साथ आठ दिवसीय विशाल भंडारे का विधिवत शुभारंभ हुआ। चार दशकों से निरंतर सेवा परंपरा निभा रही हनुमानगढ़ सेवा समिति (भारत क्लब) ने एक बार फिर तन-मन-धन से श्रद्धालुओं की सुविधा और सेवा का बीड़ा उठाया। मंदिर परिसर में गूंजते जयकारे, कतारबद्ध दर्शन और स्वयंसेवकों की सतत सेवा, हर दृश्य श्रद्धा से सराबोर रहा।
दुर्गा अष्टमी के पावन अवसर पर हनुमानगढ़ सेवा समिति (भारत क्लब) द्वारा लगाए जा रहे आठ दिवसीय विशाल भंडारे की शुरुआत पूर्व मंत्री डॉ. रामप्रताप के परिजनों ने 101 कन्याओं का पूजन कर की। समिति के सचिव सुनील धूड़िया ने बताया कि मुख्य यजमान पूर्व मंत्री डॉ. रामप्रताप, धर्मपत्नी तारादेवी, भाजपा नेता अमित चौधरी, पुत्रवधु ज्योति सहू एवं किरण सहू सहित परिवारजनों ने वैदिक विधि से कन्या पूजन कर भंडारे का शुभारंभ किया। इस अवसर पर समिति के पदाधिकारियों ने अतिथियों का पारंपरिक साफा पहनाकर तथा स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया।
भाजपा नेता अमित चौधरी ने भद्रकाली मेले में भारत क्लब की भूमिका को अटूट बताते हुए कहाकि मेला और क्लब दोनों एक-दूसरे के पूरक बन गए हैं। भारत क्लब के प्रतिनिधि जिस तरह मेले को लेकर महीने भर तैयारी करते हैं, पूरे दस दिन 24 घंटे की सेवा देते हैं, अनुकरणीय है।
मां भद्रकाली मंदिर में चैत्र नवरात्रों के उपलक्ष में चल रहे नौ दिवसीय मेले के आठवें दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। दूर-दराज से आए भक्तों ने माता के दर्शन कर धोक लगाई और मनोकामनाएं मांगी। मंदिर प्रांगण में भक्ति गीतों की गूंज, धूप-दीप की सुगंध और अनुशासित कतारें, सब कुछ मानो परंपरा की जीवंत तस्वीर पेश कर रहा था।
मेले के आयोजकों के अनुसार, 27 मार्च को नवमी के अवसर पर मां भद्रकाली का मुख्य मेला भरेगा। राजस्थान के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु माता के दर्शनों के लिए पहुंच रहे हैं। सुरक्षा, स्वच्छता और सुगम दर्शन को लेकर व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रखी गई हैं, ताकि श्रद्धालु बिना किसी असुविधा के दर्शन कर सकें।
हनुमानगढ़ सेवा समिति (भारत क्लब) पिछले 40 वर्षों से भद्रकाली मंदिर मेले के दौरान सेवा कार्य कर रही है। समिति के स्वयंसेवक नवरात्रि के पहले दिन से ही श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे हुए हैं। सेवा को पूजा मानने वाली यह परंपरा आज भी उतनी ही सजीव है, न कोई दिखावा, न कोई शोर, बस काम और कर्म।
मेले के दौरान समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल व्यवस्था, खोया-पाया नियंत्रण कक्ष, निशुल्क जूता-घर, महिला विश्राम गृह तथा दर्शन को सुगम बनाने में सक्रिय सहयोग दिया जा रहा है। स्वयंसेवक पूरे श्रद्धाभाव से ड्यूटी निभा रहे हैं, कहीं पानी पिलाते, कहीं बुजुर्गों को सहारा देते, तो कहीं बच्चों को माता के दर्शन तक पहुंचाते दिख रहे हैं। यही पुरानी परंपरा है, काम बोलता है, नाम नहीं।
इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष मदन गोपाल जिंदल, मेला प्रभारी रामकुमार मंगवाना, सचिव सुनील धुड़िया, कोषाध्यक्ष अनिल जिंदल, भगवान सिंह खुड़ी, कृष्णावतार शर्मा, मनीशंकर जलंधरा, जयकिशन सोनी, बजरंग सिंह, डॉ. संतोख सिंह, महेश कुमार, नवीन मिड्ढा, विनोद सुथार, नितिन बंसल, गणेश बागड़ी, दीपक बागड़ी, रमेश कठपाल, चंचल पारीक, सुरेश अग्रवाल, देवी लाल पेंटर सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे। सभी ने व्यवस्थाओं की सतत निगरानी करते हुए यह सुनिश्चित किया कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।







