




ग्राम सेतु पॉलिटिकल डेस्क
राजनीति में पहचान सबसे बड़ी पूंजी होती है, लेकिन हनुमानगढ़ में भाजपा के एक कार्यक्रम ने साबित कर दिया कि कभी-कभी नाम ही सबसे बड़ी भूल बन जाता है। भाजपा किसान मोर्चा के नवनियुक्त प्रदेशाध्यक्ष कैलाश चौधरी जब हनुमानगढ़ पहुंचे, तो मंच और माइक पर उनका नाम बार-बार बदलता रहा। अधिकांश वक्ताओं की जुबान पर ‘कैलाश चौधरी’ नहीं, बल्कि ‘कैलाश मेघवाल’ था। दिलचस्प यह कि कार्यक्रम में कैलाश मेघवाल मौजूद ही नहीं थे। हंसी भी आई, चर्चा भी हुई और सवाल भी उठा, क्या संगठन में अब नामों की पहचान भी अभ्यास मांगने लगी है?
काबिलेगौर है, मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री रह चुके कैलाश चौधरी को भारतीय जनता पार्टी ने राजस्थान में किसान मोर्चा की प्रदेश कमान सौंपी है। वहीं, पार्टी ने एक अन्य पूर्व केंद्रीय मंत्री निहालचंद मेघवाल को अनुसूचित जाति मोर्चा की जिम्मेदारी दी है। संगठनात्मक दृष्टि से यह बड़ा संदेश है, लेकिन हनुमानगढ़ में कार्यक्रम के दौरान जो हुआ, उसने राजनीतिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी।
जिला भाजपा कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में अधिकांश नेताओं ने अपने संबोधन के दौरान कैलाश चौधरी को ‘कैलाश मेघवाल’ कहकर पुकारा। यह गलती एक-दो नेताओं तक सीमित नहीं रही। जिलाध्यक्ष प्रमोद डेलू, विधायक संजीव बेनीवाल और पूर्व विधायक गुरदीप शाहपीनी सहित कई वक्ताओं की जुबान बार-बार फिसली। मंच पर बैठे कैलाश चौधरी यह सब सुनते रहे और हर बार हल्की मुस्कान के साथ बात को टालते नजर आए। आखिरकार, जब संबोधन की बारी उनकी आई तो उन्होंने भी माहौल को हल्का करते हुए कहा कि ‘बार-बार कैलाश मेघवालजी का जिक्र यह बताता है कि आप सब उनसे बहुत प्रेम करते हैं।’ इतना सुनते ही सभा में ठहाकों की लहर दौड़ गई, लेकिन राजनीतिक संदेश साफ था, संगठन में समन्वय और तैयारी की परीक्षा अभी बाकी है।
हालांकि, नाम की इस गड़बड़ी के बीच कार्यक्रम का उद्देश्य पूरी गंभीरता के साथ आगे बढ़ा। कैलाश चौधरी के हनुमानगढ़ आगमन पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखने को मिला। जिला कार्यालय में आयोजित किसान संवाद कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, पार्टी पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि शामिल हुए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा जिलाध्यक्ष प्रमोद डेलू ने की। मंच पर विधायक संजीव बेनीवाल, पूर्व विधायक गुरदीप शाहपीनी, भाजपा नेता अमित चौधरी, किसान मोर्चा महामंत्री ओपी यादव, किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष सुनील बेनीवाल, पूर्व जिलाध्यक्ष देवेन्द्र पारीक, बलवीर बिश्नोई, किसान मोर्चा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष राम सिंह बराड़, प्रदेश सदस्य कांशीराम गोदारा, भारतभूषण शर्मा तथा दमयंती बेनीवाल सहित अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे।
स्वागत समारोह में जिलाध्यक्ष प्रमोद डेलू के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कैलाश चौधरी का 111 किलो की विशाल माला पहनाकर अभिनंदन किया। साफा पहनाकर और पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत किया गया।
पूर्व केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि राजस्थान सरकार किसानों के हितों के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। सरकार किसानों के गेहूं का एक-एक दाना खरीदने के लिए संकल्पित है और किसानों को राहत देने के उद्देश्य से गेहूं पर 150 रुपये प्रति क्विंटल बोनस दिया जा रहा है। गेहूं खरीद की अवधि बढ़ाने के लिए किसान मोर्चा सरकार के निरंतर संपर्क में है और जल्द ही इस दिशा में सकारात्मक निर्णय की उम्मीद है।
कार्यक्रम के दौरान किसानों ने फसल खरीद, सिंचाई, बिजली आपूर्ति, बीमा क्लेम और मंडियों से जुड़ी समस्याएं रखीं। कैलाश चौधरी ने आश्वासन दिया कि इन समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दी जाएगी और संबंधित विभागों तक किसानों की आवाज पहुंचाई जाएगी।
जिलाध्यक्ष प्रमोद डेलू ने कहा कि भाजपा सरकार हमेशा किसानों के साथ खड़ी रही है और संगठन का लक्ष्य गांव-गांव जाकर किसानों को योजनाओं की जानकारी देना है। कार्यक्रम में उत्कृष्ट खेती और पशुपालन के लिए कई किसानों को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम के दौरान मण्डल अध्यक्ष लुणाराम पूनिया, नितिन बंसल, बलराज मान, प्रकाश तंवर, विजय राठी, राकेश पूनिया, सीताराम, नत्थुराम ने प्रदेशाध्यक्ष कैलाश चौधरी का माला पहनाकर अभिनंदन किया। इस मौके पर जुगल किशोर गौड़, उत्तम सिंह राठौड़, सुशील जोशी, मुरली सोनी, कृष्ण तायल, अनिल, ओम सोनी, आशीष पारीक, कुलवंत, प्रियंका सहारण, सरोज नायक, ताराचंद, दलीप, संदीप साई, संदीप मेघवाल, विक्रम भाम्भू सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे। मंच का संचालन जिला महामंत्री प्रदीप ऐरी ने किया।








