





ग्राम सेतु डेस्क
स्वतंत्रता दिवस पर जिला जाट समाज समिति हनुमानगढ़ की ओर से जंक्शन स्थित जाट भवन में गरिमापूर्ण ध्वजारोहण समारोह हुआ। इसमें जाट समाज के लोगों ने उत्साह और देशभक्ति की भावना के साथ भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रध्वज फहराकर देश की एकता, अखंडता और स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया। जाट भवन परिसर देशभक्ति के नारों से गूंज उठा।
ध्वजारोहण भाजपा नेता अमित चौधरी, कांग्रेस नेता भूपेंद्र चौधरी, कांग्रेस के जिला अध्यक्ष मनीष मक्कासर, जाट समाज समिति के संरक्षक घनश्याम भादू तथा जाट भवन अध्यक्ष अनिल थोरी सहित समाज के गणमान्य लोगों ने संयुक्त रूप से किया। ध्वजारोहण के बाद सभी उपस्थित लोगों ने सामूहिक रूप से राष्ट्रगान गाया। इसके बाद भारत माता की जय और वंदे मातरम् के जयघोष के साथ एक-दूसरे को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी गईं।
भाजपा नेता अमित चौधरी ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस उन असंख्य वीरों को याद करने का दिन है, जिनके त्याग और बलिदान के कारण आज हम स्वतंत्र वातावरण में सांस ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश की आजादी को अक्षुण्ण बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। समाज को शिक्षा, सेवा, संस्कार और राष्ट्रहित के कार्यों में आगे बढ़कर योगदान देना चाहिए। उन्होंने युवाओं से देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने और महापुरुषों के आदर्शों को जीवन में उतारने का आह्वान किया।
कांग्रेस नेता भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि आजादी लंबे संघर्ष, त्याग और बलिदान का परिणाम है। स्वतंत्रता सेनानियों ने अपना वर्तमान देश के भविष्य के लिए कुर्बान किया। हमें उनकी कुर्बानियों को केवल याद ही नहीं करना चाहिए, बल्कि उनके सपनों के भारत के निर्माण में अपना योगदान भी देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सामाजिक एकजुटता, आपसी भाईचारा और जरूरतमंदों की सेवा ही राष्ट्र की मजबूती का आधार है। समाज के सभी वर्गों को मिलकर देशहित में काम करना चाहिए।
डीसीसी चीफ मनीष मक्कासर ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमें अपने अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी स्मरण कराता है। लोकतंत्र की मजबूती के लिए नागरिकों में जागरूकता, भाईचारा और संविधान के प्रति सम्मान जरूरी है। उन्होंने कहा कि जाति, धर्म और क्षेत्र से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को सर्वाेच्च प्राथमिकता देनी चाहिए। युवा पीढ़ी देश के इतिहास और स्वतंत्रता आंदोलन के संघर्ष से प्रेरणा लेकर समाज और राष्ट्र के निर्माण में अपनी ऊर्जा लगाए।
जाट समाज समिति के संरक्षक घनश्याम भादू ने कहा कि जाट समाज का इतिहास देश और समाज के लिए संघर्ष, त्याग और सेवा की गौरवशाली परंपरा से जुड़ा रहा है। स्वतंत्रता दिवस पर हमें अपने पूर्वजों और शहीदों के आदर्शों को याद करते हुए समाज में शिक्षा, संस्कार, भाईचारे और सामाजिक जिम्मेदारी को मजबूत करने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने समाज के लोगों से एकजुट होकर रचनात्मक और जनहित के कार्यों में भागीदारी बढ़ाने की अपील की।
जाट भवन अध्यक्ष अनिल थोरी ने कहा कि जाट भवन केवल सामाजिक कार्यक्रमों का स्थल नहीं, बल्कि समाज की एकता और सामूहिक चेतना का केंद्र है। स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व समाज के लोगों को एक मंच पर लाकर देशभक्ति और सामाजिक एकजुटता की भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि समाज के युवाओं को राष्ट्रसेवा, शिक्षा और सामाजिक कार्यों से जोड़ना समय की आवश्यकता है।
वरिष्ठ सदस्य कपिल सहारण ने कहा कि स्वतंत्रता का वास्तविक अर्थ तभी सार्थक होगा, जब देश का प्रत्येक नागरिक अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करे। उन्होंने समाज के लोगों से आपसी मतभेद भुलाकर भाईचारा कायम रखने, जरूरतमंदों की सहायता करने तथा सामाजिक उत्थान के कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में जयप्रकाश गोदारा, पृथ्वी गोदारा, राकेश भांभू, कपिल सहारण, अजय रेवाड़, प्रवीण गोदारा, महावीर रणवां, कलवंत जांगू, कृष्ण भांभू, चंद्रभान कुलड़िया, रवींद्र कूकना, राज कुमार जाखड़, सुरेश चाहर, जगदीश ढाका, संदीप सिरावता, पवन माली, ओम गोदारा, संजय थालोड़, भीम ज्याणी, राजेन्द्र सहारण, लीलाधर शर्मा, एडवोकेट सुखबीर भांभू, रामेश्वर भांभू, विनोद विस्सू, रवि चोटिया, सुरजीत सहारण, पृथ्वीराज गोदारा जोड़कियां, शंभूदयाल, नरेश बुरड़क, राजेंद्र सीकर, डॉ. राम सियाग, विनोद भांभू, राजपाल गोदारा, सम्पत कुलड़िया, शशांक भूंवाल, फतेहसिंह झाझड़िया, विजय सिंह कुलड़िया, दलीप कसवां, सुरेंद्र जाखड़, दलीप सिहाग, योगेश बुरड़क, विनोद सहित बड़ी संख्या में समाज के सदस्य मौजूद रहे। समारोह के अंत में देश की एकता, अखंडता, प्रगति और समृद्धि की कामना की गई। उपस्थित लोगों ने राष्ट्रहित में कार्य करने तथा स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों के आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।







