








ग्राम सेतु डॉट कॉम
राजस्थान की सियासत में स्थानीय निकायों के बाद अब पंचायतीराज चुनाव को लेकर बिसात बिछने लगी है। इसी कड़ी में प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आज, 27 सितंबर को सूरतगढ़ के दौरे पर आ रहे हैं। अपने तय पंजाब प्रवास के कार्यक्रमों को पूरा करने के बाद मुख्यमंत्री जयपुर रवानगी से पहले सीधे सूरतगढ़ पहुंचेंगे। शाम 6 बजे सूरतगढ़ के एक निजी रिसॉर्ट में बीजेपी के वरिष्ठ पदाधिकारियों, मौजूदा व पूर्व विधायकों और जनप्रतिनिधियों के साथ एक अहम रणनीतिक बैठक होगी। शहरी निकाय चुनावों में बीजेपी के बढ़ते दबदबे से उत्साहित मुख्यमंत्री अब दोनों सीमावर्ती जिलों में पंचायतीराज चुनाव में क्लीन स्वीप की तैयारी में हैं और इसी सिलसिले में नेताओं को फील्ड का कड़ा टास्क सौंपा जाएगा।
शहरी निकाय चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन ने संगठन में नया जोश भरा है। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि शहरी इलाकों में बने माहौल को अब ग्रामीण मतदाताओं के बीच भुनाया जाए। सूरतगढ़ बैठक का मुख्य एजेंडा श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ की हर पंचायत समिति और जिला परिषद में बीजेपी की मजबूत पकड़ बनाना है।
बैठक में दोनों जिलों के प्रमुख संगठन प्रभारियों को आमंत्रित किया गया है। मुख्यमंत्री खुद नेताओं को बूथ स्तर तक की जिम्मेदारी सौंपेंगे। प्रदेश महामंत्री कैलाश मेघवाल ने ‘ग्राम सेतु डॉट कॉम’ से कहा कि मुख्यमंत्री ने जिस तरह शहरी निकाय चुनाव प्रचार की कमान संभालकर जनसमर्थन को पार्टी के पक्ष में मोड़ा, वह ऐतिहासिक रहा। अब उसी रणनीति और ऊर्जा के साथ पार्टी पंचायतीराज चुनावों में उतरेगी, ताकि गांवों की सरकार में भी बीजेपी का प्रदर्शन सर्वश्रेष्ठ रहे।
एक तरफ जहां रिसॉर्ट में चुनावी रणनीति पर मंथन होगा, वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री के दौरे से ठीक पहले नहरी क्षेत्र के किसानों का आक्रोश भड़क उठा है। इंदिरा गांधी नहर परियोजना में सिंचाई पानी की भारी किल्लत से जूझ रहे किसान आर-पार के मूड में आ गए हैं। किसानों का आरोप है कि रबी की बुवाई से पहले ही पानी की कटौती कर उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा कर दिया गया है। हनुमानगढ़ और आसपास के ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में किसानों ने सूरतगढ़ पहुंचकर मुख्यमंत्री का घेराव करने और सीधे सवाल दागने का ऐलान किया है। किसानों के इस तेवर से स्थानीय प्रशासन और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

घेराव की अगुवाई कर रहे किसान नेता हरप्रीत सिंह ढिल्लों ने सोशल मीडिया पर तीखा संदेश जारी कर इलाके के किसानों को एकजुट होने का आह्वान किया है। ढिल्लों ने अपनी फेसबुक पोस्ट में सरकार की नीतियों पर कड़ा प्रहार करते हुए लिखा, ‘साथियों, आज राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजनलाल जी हमारे नहरी क्षेत्र में सूरतगढ़ आ रहे हैं। उनसे यह पूछा जाना चाहिए कि इलाके के किसानों की खुशहाली के लिए सरकार ने क्या किया? पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में जहां पूरा पानी मिला, वहीं आज किसान बूंद-बूंद के लिए तरस रहे हैं। यह पहली बार हुआ है कि रबी की बुवाई से पहले ही कह दिया गया कि पानी नहीं मिलेगा।’
ढिल्लों ने यूरिया-डीएपी की किल्लत और धान की न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सरकारी खरीद शुरू न होने को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने किसानों से दोपहर 3 बजे उनके निवास स्थान 9थ्थ्ठ ढाणी पर जुटने की अपील की, जहां से सभी किसान एक साथ सूरतगढ़ के लिए रवाना होंगे।
बहरहाल, सूरतगढ़ में आज शाम का घटनाक्रम काफी संवेदनशील रहने वाला है। एक ओर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा संगठन को मजबूत करने और आगामी पंचायतीराज चुनावों का रोडमैप तैयार करने आ रहे हैं, तो दूसरी ओर इलाके का सबसे बड़ा वोट बैंक यानी किसान खाद, बीज, धान खरीद और नहरी पानी के मुद्दे पर जवाबदेही मांग रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नहरी बेल्ट में पंचायतीराज चुनाव जीतना केवल भाषणों और सांगठनिक बैठकों से संभव नहीं होगा; जब तक सरकार किसानों के पानी और खाद संकट का ठोस समाधान नहीं निकालती, तब तक ग्रामीण इलाकों में सत्ता पक्ष के लिए चुनौतियां बरकरार रहेंगी। अब देखना यह होगा कि प्रशासन किसानों को रोकने में क्या कदम उठाता है और क्या मुख्यमंत्री किसानों के इस आक्रोश को शांत करने के लिए कोई सकारात्मक संकेत देते हैं।







