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श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय यानी एसकेडी हनुमानगढ़ का द्वितीय भव्य दीक्षांत समारोह 31 अक्टूबर को आयोजित किया जाएगा। समारोह में 384 विद्यार्थियों को पीएचडी एवं स्नातकोत्तर उपाधियां प्रदान की जाएंगी। पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले ‘पॉन्डमैन ऑफ इंडिया’ रामवीर तंवर को पर्यावरण विज्ञान में मानद डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया जाएगा। समारोह की तैयारियों, अतिथियों, विद्यार्थियों की उपलब्धियों और विश्वविद्यालय की भावी योजनाओं को लेकर पत्रकार वार्ता में श्री गुरु गोबिंद सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबूलाल जुनेजा, कुलपति प्रो. (डॉ.) अमरजीत सिंह, विश्वविद्यालय के डायरेक्टर जनरल एवं सेवानिवृत्त आईजी गिरिश चावला तथा विश्वविद्यालय के प्रशासक सेवानिवृत्त एएसपी विपिन शर्मा ने विस्तृत जानकारी साझा की।
श्री गुरु गोबिंद सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबूलाल जुनेजा ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध करवाना है। इसके लिए प्रतिष्ठित कंपनियों के साथ जुड़कर प्लेसमेंट की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय ने हाल ही में 50 बीघा भूमि पर जैविक फसलों का उत्पादन किया है। यह पहल शिक्षा के साथ कृषि, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में विश्वविद्यालय की सक्रियता को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने खेलों में उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए सर्वाधिक पदक हासिल कर संस्थान का गौरव बढ़ाया है। जुनेजा ने कहा कि दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों की वर्षों की मेहनत, अध्ययन और शोध का सम्मान करने का अवसर है। उपाधि प्राप्त करने के बाद विद्यार्थियों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। उन्हें अपने ज्ञान एवं कौशल का उपयोग समाज की बेहतरी, नवाचार और राष्ट्र निर्माण में करना चाहिए।
विश्वविद्यालय के डायरेक्टर जनरल एवं सेवानिवृत्त आईजी गिरिश चावला ने कहा कि श्री खुशाल दास विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उनके सर्वांगीण विकास के लिए भी प्रतिबद्ध है। वर्तमान समय में उच्च शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान, कौशल और बेहतर अवसरों के लिए तैयार करना है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में शिक्षा, खेल, अनुसंधान एवं नवाचार को प्रोत्साहित करने से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिल रहा है। दूसरी कॉन्वोकेशन विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों को सम्मानित करने तथा उन्हें भविष्य में नई ऊंचाइयां हासिल करने के लिए प्रेरित करने का महत्वपूर्ण अवसर है।
दीक्षांत समारोह का प्रमुख आकर्षण पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले रामवीर तंवर को पर्यावरण विज्ञान में मानद डॉक्टरेट की उपाधि प्रदान करना होगा। ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश निवासी रामवीर तंवर ‘पॉन्डमैन ऑफ इंडिया’ के नाम से प्रसिद्ध हैं और सेव अर्थ एनजीओ के संस्थापक हैं। विश्वविद्यालय की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के अनुसार, जल निकायों को पुनर्जीवित करने, आर्द्रभूमियों के विकास, शहरी क्षेत्रों में छोटे वन विकसित करने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनभागीदारी और जागरूकता बढ़ाने में उनके योगदान को देखते हुए यह सम्मान प्रदान किया जाएगा।
कुलपति प्रो. (डॉ.) अमरजीत सिंह ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल डिग्रियां प्रदान करने का आयोजन नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध क्षमता और भविष्य के विजन को प्रदर्शित करने वाला महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने बताया कि 31 अक्टूबर को आयोजित होने वाले समारोह में पिछले दो वर्षों के पीएचडी शोधार्थियों सहित एमए एवं बीए के मेडल विजेताओं को शामिल करते हुए कुल 384 विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान की जाएंगी। इनमें 248 पीएचडी शोधार्थी शामिल हैं। कुलपति ने कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय की पहचान केवल प्रदान की गई डिग्रियों की संख्या से नहीं, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता और उपाधि की समाज एवं रोजगार के क्षेत्र में उपयोगिता से बनती है। विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को ऐसी शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे वे अपने व्यावसायिक जीवन में आगे बढ़ने के साथ सामाजिक जिम्मेदारियों का भी निर्वहन कर सकें। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में तीन रिसर्च सेंटर स्थापित हैं, जो अनुसंधान एवं ज्ञान के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। वर्तमान में विश्वविद्यालय में लगभग 10,000 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। संस्थान का मुख्य फोकस टीचिंग, रिसर्च और इनोवेशन पर है, ताकि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ भविष्य में आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिल सकें।
कुलपति प्रो. अमरजीत सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय परिसर में वाग्भट्ट के नाम से आयुष हॉस्पिटल भी स्थापित है। इसके माध्यम से स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर आमजन को भारतीय चिकित्सा पद्धतियों के प्रति जागरूक करने तथा स्वास्थ्य लाभ उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि आगामी दिनों में जीओ गीता के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) करने की योजना है। इसके अंतर्गत विभिन्न पाठ्यक्रम संचालित करने और संबंधित संस्थान के साथ राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शैक्षणिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने की संभावनाओं पर काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य केवल डिग्रियां प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में ज्ञान, कौशल, नवाचार और व्यावहारिक दक्षता विकसित करना है, ताकि वे बदलते समय की जरूरतों के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सकें।
विश्वविद्यालय के प्रशासनिक अधिकारी एवं सेवानिवृत्त एएसपी विपिन शर्मा ने बताया कि दीक्षांत समारोह में विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिष्ठित हस्तियां शामिल होंगी। समारोह में अखिल भारतीय सांगलिया धूणी, सीकर के पीठाधीश्वर स्वामी श्री ओम दास जी महाराज मुख्य अतिथि होंगे, जबकि राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गर्ग समारोह की अध्यक्षता करेंगे। हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी, पंचकूला के उपाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) कुलदीप चंद अग्निहोत्री विशेष सम्मानित अतिथि के रूप में शामिल होंगे। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जोधपुर के कुलपति प्रो. (वैद्य) गोविंद सहाय शुक्ला तथा कृषि विश्वविद्यालय, कोटा की कुलपति डॉ. विमला डुंकवाल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। इसके अतिरिक्त महाराजा अग्रसेन विश्वविद्यालय, बद्दी, सोलन के प्रो-कुलपति प्रो. (डॉ.) आर.के. गुप्ता, अर्जुन पुरस्कार विजेता पैरा एथलीट संदीप सिंह मान, अर्जुन पुरस्कार विजेता संदीप नरवाल, पदक विजेता खिलाड़ी राकेश नरवाल तथा पूर्व कुलपति प्रो. (डॉ.) रामावतार मीणा की उपस्थिति भी प्रस्तावित है। विपिन शर्मा ने बताया कि समारोह की तैयारियां की जा रही हैं। आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों का सम्मान करने के साथ उच्च शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार और सामाजिक सरोकारों के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया जाएगा। 31 अक्टूबर को आयोजित होने वाला यह दीक्षांत समारोह विश्वविद्यालय की शैक्षणिक यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव होगा।






