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गांवों की सरकार चुनने के लिए हनुमानगढ़ जिले में चुनावी बिसात बिछ चुकी है। जिला परिषद और 10 पंचायत समितियों के अंतर्गत आने वाली 325 ग्राम पंचायतों में कुल 11 लाख 25 हजार 750 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 5 लाख 83 हजार 848 पुरुष, 5 लाख 41 हजार 895 महिलाएं और 7 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं। जिला परिषद के 37 सदस्यों, पंचायत समितियों के 208 सदस्यों और ग्राम पंचायतों के 3,385 वार्ड पंचों के निर्वाचन के लिए जिले में दो चरणों में मतदान करवाया जाएगा।
जिले की 10 पंचायत समितियों में कुल 1,168 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इनमें नोहर पंचायत समिति में सर्वाधिक 227 मतदान केंद्र हैं, जबकि पल्लू में सबसे कम 79 केंद्र निर्धारित किए गए हैं। सुरक्षा और चुनावी व्यवस्थाओं के लिहाज से जिले की पंचायत समितियों को 112 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। इसके अलावा 102 लोकेशन पर 372 संवेदनशील मतदान केंद्र चिह्नित किए गए हैं।
पंचायत समितिवार आंकड़ों पर नजर डालें तो नोहर मतदाताओं की संख्या के लिहाज से सबसे बड़ा क्षेत्र है। यहां 59 ग्राम पंचायतों के 613 वार्डों में 227 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। पंचायत समिति के 35 सदस्य पदों के लिए चुनाव होगा। यहां 2 लाख 17 हजार 168 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
पीलीबंगा में 43 ग्राम पंचायतों के 401 वार्डों के लिए 129 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। यहां 23 पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए चुनाव होगा और 1 लाख 24 हजार 876 मतदाता हैं। टिब्बी में 33 ग्राम पंचायतों के 361 वार्डों के लिए 122 मतदान केंद्र निर्धारित किए गए हैं। यहां 1 लाख 13 हजार 984 मतदाता मतदान करेंगे।
भादरा में 26 ग्राम पंचायतों के 308 वार्डों के लिए 107 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। यहां 19 पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए चुनाव होगा और 1 लाख 6 हजार 96 मतदाता हैं। राजपुरा (8 बीएचडी) में 29 ग्राम पंचायतों के 293 वार्डों के लिए 104 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। यहां 1 लाख 4 हजार 759 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे।
हनुमानगढ़ जंक्शन पंचायत समिति में 23 ग्राम पंचायतों के 309 वार्डों के लिए 107 मतदान केंद्र निर्धारित किए गए हैं। यहां 19 सदस्य पदों के लिए चुनाव होगा और 1 लाख 3 हजार 208 मतदाता हैं। हनुमानगढ़ टाउन में 30 ग्राम पंचायतों के 310 वार्डों के लिए 104 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। यहां 98 हजार 983 मतदाता मतदान करेंगे।
संगरिया में 27 ग्राम पंचायतों के 301 वार्डों के लिए 103 मतदान केंद्र निर्धारित किए गए हैं। यहां 96 हजार 161 मतदाता हैं। रावतसर में 30 ग्राम पंचायतों के 262 वार्डों के लिए 86 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। यहां 84 हजार 48 मतदाता हैं। वहीं, पल्लू में 25 ग्राम पंचायतों के 227 वार्डों के लिए 79 मतदान केंद्र निर्धारित किए गए हैं। यहां 76 हजार 467 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
तीसरे चरण में छह पंचायत समितियों में मतदान आज
जिले में तीसरे चरण के तहत 3 नवंबर यानी मंगलवार को जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए मतदान करवाया जाएगा। इस चरण में भादरा, हनुमानगढ़ जंक्शन, नोहर, पल्लू, पीलीबंगा और राजपुरा (8 बीएचडी) पंचायत समितियां शामिल हैं। इन छह पंचायत समितियों के 130 सदस्य पदों के लिए चुनाव होगा। साथ ही जिला परिषद के सभी 37 वार्डों में भी मतदान करवाया जाएगा।
तीसरे चरण में चुनावी मुकाबला दिलचस्प होने के आसार हैं। जिला परिषद के 37 वार्डों के लिए 118 प्रत्याशी मैदान में हैं। वहीं, छह पंचायत समितियों के 130 सदस्य पदों के लिए 410 अभ्यर्थी चुनाव लड़ रहे हैं। इस तरह जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य पदों को मिलाकर कुल 528 प्रत्याशियों की राजनीतिक किस्मत मतपेटियों में बंद होगी। पंचायत समितिवार प्रत्याशियों की संख्या देखें तो नोहर में सर्वाधिक 113 अभ्यर्थी चुनाव मैदान में हैं। पीलीबंगा में 76, भादरा और हनुमानगढ़ जंक्शन में 60-60, राजपुरा में 53 तथा पल्लू में 48 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। सदस्य पदों के लिए मुकाबले में नोहर सबसे आगे है। तीसरे चरण में शामिल क्षेत्रों में सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए 5 नवंबर को मतदान करवाया जाएगा।
चौथे चरण में 14 नवंबर को चार पंचायत समितियों में चुनाव
जिले की शेष चार पंचायत समितियों संगरिया, टिब्बी, रावतसर और हनुमानगढ़ टाउन में चौथे चरण के तहत चुनाव करवाए जाएंगे। जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए 14 नवंबर को मतदान होगा, जबकि सरपंच और पंच पदों के लिए 16 नवंबर को वोट डाले जाएंगे।
चौथे चरण की नामांकन प्रक्रिया 4 नवंबर को अपराह्न 3 बजे तक चलेगी। नामांकन पत्रों की संवीक्षा 5 नवंबर को होगी। अभ्यर्थी 6 नवंबर को अपराह्न 3 बजे तक नाम वापस ले सकेंगे। इसी दिन चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे।
इस तरह जिले में 11.25 लाख से अधिक मतदाता दो चरणों में अपने प्रतिनिधियों का चुनाव करेंगे। नोहर में सबसे अधिक मतदान केंद्र और मतदाता होने के कारण वहां चुनावी व्यवस्थाएं भी अहम रहेंगी। वहीं, 372 संवेदनशील मतदान केंद्रों पर प्रशासन की विशेष निगरानी रहेगी। अब राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों की निगाहें मतदान पर टिकी हैं। इस चुनाव के नतीजे जिले की ग्रामीण राजनीति में अगले पांच साल का शक्ति संतुलन तय करेंगे।




