June 30, 2026

Blog

राजेश चड्ढ़ा.मन्नदी न गल्ल साडी,एह भैड़ी सरकार ओ।पगड़ी सम्भाल जट्टापगड़ी सम्भाल ओ।इस गीत दियां इह सतरां श्जंग...
राजेश चड्ढ़ा.पढ़-पढ़ शेख़-मशेख़ कहावें,उलटे मसले घरों बणावें,बेइलमां नूं लुट-लुट खावें,सच्चे-झूठे करें क़रार।भाव है, की इह सच है...
गोपाल झा.पूर्वांचल का लोक संगीत शोकाकुल है। सुर बेसुरे हो गए हैं। संगीतप्रेमियों के नयन नीर से...
राजेश चड्ढ़ाअज्ज आखाँ वारिस शाह नूँ कित्थों क़बरां विच्चों बोलते अज्ज किताब-ए-इश्क़ दा कोई अगला वरका फोलइक...
राजेश चड्ढ़ा.पाँज सौ तों वी वध साल पहलां, जदों गुरु नानक देव जी अपणे मिशन ते निकले,...