रूंख भायला.राजी राखै रामजी ! होळी रै मौकै आज बात रंगां री, बां री रंगत री। जिनगाणी...
हेत री हथाई
रूंख भायला.राजी राखै रामजी! काल 21 फरवरी ही…., होवैला दूजां सारू जगती मायड़ भासा दिवस !! पण...
रूंख भायला.कुण जाणै, विख कुण के पाण पड़ैगोअर इमरत कुण ले जावैगो आपणीं लैरां…राजी राखै रामजी !...
रूंख भायला.राजी राखै रामजी! आज बात लोक ब्यौहार री, उण में आयै बदळाव री। बात पेटै ही...
रूंख भायला.राजी राखै रामजी ! आज बात देस रै पैलड़ै राष्ट्रवादी कवि री ! कुण है ओ...
रूंख भायला.राजी राखै रामजी ! 26 जनवरी रो उच्छब है काल, आधिकारिक रूप सूं आपणै देस रै...
रूंख भायला.धिन-धिन अे धोरां री धरती, राजस्थानी मावड़ीवीर धीर विद्वान बणाया खुवा खीचड़ो राबड़ी-भरत व्यास राजी राखै...
रूंख भायला.राजी राखै रामजी !हैं ओ…, थे ‘मळ’ उतार लिया के !!बै कियां उतरै ? म्हानै तो...
रूंख भायला.राजी राखै रामजी! आपणै अठै अेक चावो गीत है, ‘काळियो कूद पड़्यो मेळै में….!’ म्हूं सोचूं,...
रूंख भायला.राजी राखै रामजी ! ‘हेत री हथाई’ बाचणियै भायलां रा फोन अर सनेसा आबो करै। जी...
