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सुबह की पहली किरण के साथ गांवों की गलियों से लोकतंत्र की राह मतदान केंद्रों तक पहुंचने लगी। कहीं बुजुर्ग हाथ में लाठी थामे वोट डालने पहुंचे तो कहीं दिव्यांग मतदाताओं ने हौसले के साथ लोकतंत्र के इस पर्व में भागीदारी निभाई। मतदान केंद्रों के बाहर कतारें, मतदाताओं के चेहरों पर उत्साह और गांवों की सत्ता में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने का जज्बा नजर आया। हनुमानगढ़ जिले में 3 नवंबर यानी मंगलवार को पंचायतीराज चुनाव के तीसरे चरण में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए मतदान हुआ। छह पंचायत समितियों में 78.02 प्रतिशत मतदान के साथ ग्रामीणों ने लोकतंत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई। भादरा में मतदान का उत्साह सबसे अधिक रहा, जबकि पीलीबंगा में वोटिंग का आंकड़ा जिले में सबसे कम दर्ज किया गया।
गांवों की सरकार चुनने के लिए हनुमानगढ़ जिले में लोकतंत्र का उत्सव देखने को मिला। पंचायतीराज चुनाव के तीसरे चरण के तहत जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य पदों के लिए हुए मतदान में ग्रामीणों ने उत्साह के साथ भागीदारी निभाई। जिले में कुल 78.02 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। भादरा पंचायत समिति क्षेत्र में सर्वाधिक 80.25 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया, जबकि पीलीबंगा में सबसे कम 75.11 प्रतिशत मतदान हुआ।
सुबह 7 बजे मतदान शुरू होते ही कई मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की कतारें लग गईं। मतदान की प्रक्रिया शाम 6 बजे तक जारी रही। कुछ स्थानों पर देर शाम तक मतदान होने की खबर रही। मतदाताओं ने ईवीएम के जरिए अपने मताधिकार का प्रयोग किया। ग्रामीण क्षेत्रों में सुबह से ही मतदान को लेकर उत्साह नजर आया। बुजुर्गों और दिव्यांग मतदाताओं ने भी मतदान केंद्रों तक पहुंचकर लोकतंत्र के इस पर्व में भागीदारी निभाई।
जिले की छह पंचायत समितियों में मतदान के अंतिम आंकड़ों के अनुसार भादरा में 80.25 प्रतिशत मतदान हुआ। नोहर में 79.18 प्रतिशत, पल्लू में 79.03 प्रतिशत और राजपुरा (8 बीएचडी) में 78.86 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले। हनुमानगढ़ जंक्शन पंचायत समिति क्षेत्र में 75.19 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। पीलीबंगा में 75.11 प्रतिशत मतदान हुआ, जो जिले की छह पंचायत समितियों में सबसे कम रहा। मतदान के दौरान सुबह से ही मतदान केंद्रों पर ग्रामीणों की आवाजाही बनी रही। दोपहर तक मतदान की गति में तेजी आई। सुबह 10 बजे तक जिले में औसतन 20.92 प्रतिशत मतदान हुआ था। दोपहर 1 बजे तक यह आंकड़ा बढ़कर 44.12 प्रतिशत और दोपहर 3 बजे तक 60.85 प्रतिशत पहुंच गया।
इस चरण में भादरा, हनुमानगढ़ जंक्शन, नोहर, पल्लू, पीलीबंगा और राजपुरा (8 बीएचडी) पंचायत समितियों में चुनाव हुए। जिला परिषद के 24 वार्डों और छह पंचायत समितियों के 130 सदस्य पदों के लिए मतदान कराया गया। जिला परिषद के 24 वार्डों के लिए प्रत्याशियों के साथ पंचायत समिति सदस्य पदों पर कुल 528 अभ्यर्थी चुनावी मैदान में हैं। पंचायत समितिवार प्रत्याशियों की संख्या में नोहर सबसे आगे रहा। यहां 113 अभ्यर्थी चुनाव लड़ रहे हैं भादरा और हनुमानगढ़ जंक्शन में 60-60, पल्लू में 48, पीलीबंगा में 76 और राजपुरा में 53 अभ्यर्थी मैदान में हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों के साथ निर्दलीय प्रत्याशियों ने भी जोर लगाया।
जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. खुशाल यादव और पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य ने पीलीबंगा और गोलूवाला क्षेत्र के मतदान केंद्रों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मतदान केंद्रों पर तैनात सुरक्षा कर्मियों और मतदान दलों को शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मतदान केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने मतदान केंद्रों के भीतर मोबाइल फोन ले जाने पर प्रतिबंध की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
मतदान के दौरान गोलूवाला, हनुमानगढ़ जंक्शन और पीलीबंगा के कुछ मतदान केंद्रों पर मोबाइल फोन लेकर पहुंचे मतदाताओं के फोन पुलिस ने जब्त किए। पुलिस ने मतदाताओं से नियमों की पालना करने और शांतिपूर्ण मतदान में सहयोग करने की अपील की। हनुमानगढ़ पंचायत समिति के बूथ नंबर 62 पर सुबह 11 बजे तक मतदाताओं की संख्या काफी कम रही। वहीं पल्लू क्षेत्र में ग्रामीणों की अच्छी भागीदारी देखने को मिली। रामपुरा स्कूल स्थित मतदान केंद्र पर एक दिव्यांग बुजुर्ग महिला भी मतदान करने पहुंची।
जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य पदों के चुनाव के बाद अब ग्रामीण क्षेत्रों में सरपंच और पंच पदों के लिए चुनावी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इन पदों के लिए 5 नवंबर को मतदान कराया जाएगा। पंचायत चुनाव के अगले चरण को लेकर गांवों में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।





