



ग्राम सेतु ब्यूरो.
हनुमानगढ़ जिला मुख्यालय स्थित बेबी हैप्पी मॉडर्न पीजी कॉलेज के छात्र दुर्लभ जोशी ने विश्वविद्यालय स्तरीय राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में पेंचक सिलाट (मार्शल आर्ट खेल) में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए रजत पदक हासिल कर एक नया इतिहास रच दिया। हरियाणा के रोहतक स्थित महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देशभर के विभिन्न विश्वविद्यालयों के श्रेष्ठ खिलाड़ियों के बीच बेहद कड़ी प्रतिस्पर्धा हुई। इस उच्चस्तरीय प्रतियोगिता में जहां हर मुकाबला चुनौतीपूर्ण था, वहीं दुर्लभ जोशी ने अदम्य साहस, बेहतरीन तकनीक, रणनीतिक कौशल और अनुशासित खेल का परिचय देते हुए एक-एक मुकाबले में शानदार जीत दर्ज की और रजत पदक पर कब्जा जमाया।
महाविद्यालय परिसर में एक भव्य सम्मान एवं अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया।
मैनेजिंग कमेटी के डायरेक्टर तरुण विजय ने कहा कि दुर्लभ जोशी ने अपने अथक परिश्रम, अनुशासन और अटूट संकल्प के बल पर यह सिद्ध कर दिया है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और प्रयास ईमानदार हों, तो राष्ट्रीय मंच पर भी सफलता निश्चित है। हमारी संस्था विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए सदैव प्रतिबद्ध है, जिसमें खेलों को विशेष प्राथमिकता दी जाती है।
चेयरमैन आशीष विजय ने कहा, कि यह उपलब्धि पूरे महाविद्यालय परिवार के सामूहिक प्रयास, समर्पण और सकारात्मक वातावरण का परिणाम है। हम शिक्षा के साथ-साथ खेलों और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को भी समान महत्व देते हैं, जिससे विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।
प्रशासक परमानंद सैनी ने कहा कि दुर्लभ जोशी की यह सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। ऐसी उपलब्धियां संस्थान की पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाती हैं और विद्यार्थियों के भीतर आत्मविश्वास एवं प्रतिस्पर्धात्मक भावना का संचार करती हैं।
वाइस चेयरमैन रौनक विजय ने कहा कि हमारी संस्था प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें सही दिशा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। यह सफलता हमारे इसी विज़न और प्रतिबद्धता का परिणाम है। भविष्य में भी हम विद्यार्थियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास करें।
प्राचार्य डॉ. विशाल पारीक ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतियोगिता में रजत पदक प्राप्त करना महाविद्यालय के खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण और गौरवशाली उपलब्धि है। इससे विद्यार्थियों में खेलों के प्रति नई ऊर्जा, उत्साह और आत्मविश्वास का संचार हुआ है।”
उपप्राचार्य डॉ. मनोज शर्मा ने कहा कि दुर्लभ जोशी की मेहनत, अनुशासन और निरंतर अभ्यास युवाओं के लिए एक आदर्श उदाहरण है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और समर्पण से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
बी.एड कॉलेज की प्राचार्य डॉ. संतोष चौधरी ने कहा, कि यह उपलब्धि न केवल महाविद्यालय बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। हमें विश्वास है कि भविष्य में भी हमारे विद्यार्थी खेलों के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करेंगे।






