



ग्राम सेतु ब्यूरो
गर्मी में मनुष्य तो पानी की व्यवस्था कर लेता है, लेकिन बेजुबान पशु-पक्षियों को पानी के लिए भटकना पड़ता है। पानी की कमी में कई पशु-पक्षिओं की रोज मौत हो रही है। बढ़ती भीषण गर्मी के सीजन मे पानी की कमी के कारण किसी भी पशु-पक्षी की मौत न हो और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य को पूरा करने के लिए महाराजा सूरजमल संगठन, भारत (महिला विंग) की जिला इकाई ने सिविल लाइन्स क्षेत्र में घरों के आगे खेळिया रखने और पेड़ों पर परिंडे बांधने के अभियान का श्रीगणेश किया। सिविल लाइन्स स्थित एफ ब्लॉक (पत्रकार कॉलोनी) के पार्कों में परिंडे बांध कर वयोवृद्ध शांति देवी मेहन और प्रकाश कौर ने शुभारंभ किया।
जिला अध्यक्ष किरण जान्दू ने कहा कि भीषण गर्मी में जिस तरह मनुष्य त्रस्त है पानी के लिए, तो बेजुबान पशु पक्षियों के लिए तो हमें यह कार्य करना चाहिए। यह हम सभी का नैतिक दायित्व बनता है कि जीव जंतुओं की सेवा करें। मनुष्य के लिए पहला वाक्य यही कहलाता है कि सर्व हिताय जन सुखाय। इसके चलते हम सभी का यह उद्देश्य है कि प्रत्येक जीव को जीवन मिले। यदि भीषण गर्मी में जीव त्रस्त रहेगा तो मनुष्य का मन भी विचलित रहेगा।
जिला महामंत्री मंजू कूकना और सोफिया झोरड़ ने कहा कि गर्मियों में कई परिंदों और पशुओं की मौत पानी की कमी के कारण हो जाती है। लोगों का छोटा सा प्रयास घरों के आस-पास उड़ने वाले परिंदों और कॉलोनियों में घूमते बेजुबान पशुओं की प्यास बुझाकर उनकी जिंदगी बचा सकता है।
शारदा भोबिया और अनसूइया सहारण ने कहा कि सुबह आंखें खुलने के साथ ही घरों के आस-पास कबूतर, गौरेया, तोता, मैना और अन्य पक्षियों की चहक सभी के मन को मोह लेती है। घरों के बाहर फुदकती गौरेया बच्चों सहित बड़ों को भी अपनी ओर आकर्षित करती है। गर्मियों में घरों के आसपास इनकी चहचहाहट बनी रहे, इसके लिए जरूरी है कि लोग पक्षियों से प्रेम करें और उनका विशेष ख्याल रखें और अधिक से अधिक परिंडे लगा नेक कार्य में अपना योगदान करें।
संगठन की वरिष्ठ सदस्या सुनीता भादू, धोलीपाल ने कहां कि संगठन के इस अभियान का मुख्य उद्देश्य गर्मी के मौसम में पशु-पक्षियों को पीने का पानी उपलब्ध कराना है, ताकि वे प्यास से तड़पने से बच सकें। उन्होंने कहा कि तापमान में लगातार वृद्धि के कारण पशु-पक्षियों के लिए जल स्रोतों की कमी गंभीर समस्या बनती जा रही है, जिसे ध्यान में रखते हुए यह अभियान शुरू किया गया है। गायत्री गोदारा और सुनीता सहारण ने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि वे भी अपने घरों की छतों और सार्वजनिक स्थानों पर पक्षियों के लिए पानी से भरे परिंडे अवश्य रखें, ताकि कोई भी बेजुबान पक्षी प्यास से बेहाल न हो। ज्योति रामगढ़िया और नेहा नागपाल ने उपस्थित महिलाओं से कहा कि गर्मियों के मौसम में पानी पिलाने से ज्यादा नेक कार्य कोई नहीं है। सभी को बेजुबान पक्षियों संरक्षण के लिए अपने घरों की छतों पर सकोरे लगाकर मानवता का परिचय देना चाहिए। सुनीता नागपाल ने कहा कि बेजुबान पशु-पक्षियों की सेवा करना सभी का दायित्व है। इस भीषण गर्मी में जहां आम आदमी परेशान है तो पशु-पक्षियों के लिए भी पानी और चारे की जरूरत है। सभी समाज और वर्गों के लोगों को इस अभियान से जुड़कर बेजुबान पशु-पक्षियों की सेवा में अपना योगदान देना चाहिए। क्षेत्र के निवासियों ने सराहते हुए इसे प्रेरणादायक कदम बताया है, जो संवेदनाओं को दर्शाती हुई सामाजिक जिम्मेदारी और पर्यावरण संरक्षण का सशक्त संदेश देता है। उल्लेखनीय है कि 42 से 44 डिग्री तापमान में जहां इंसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, वहीं पशु और पक्षियों के लिए यह कोई मुसीबत से कम नहीं है। इस भीषण गर्मी में शहरी क्षेत्र की सड़कों पर कहीं भी चारे-पानी की व्यवस्था नहीं है जिसके कारण पशु और पक्षियों की हालत दयनीय है। अभियान में छोटी बच्चियों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई और परिंडे लगाने के कार्य में सहयोग किया।







