



ग्राम सेतु ब्यूरो.
दोपहर की तपती धूप, हाथों में तख्तियां, चेहरों पर वर्षों की उपेक्षा का आक्रोश और नारों में शिक्षा के भविष्य की चिंता। हनुमानगढ़ उपखंड कार्यालय परिसर शिक्षक आंदोलन की आवाज़ से गूंज उठा। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) के बैनर तले शिक्षक एकजुट होकर खड़े दिखे। नेतृत्व कर रहे थे खंड अध्यक्ष मनमोहन शर्मा। शिक्षकों ने एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा और साफ शब्दों में कहा, अब टालमटोल नहीं, ठोस फैसले चाहिए।
हनुमानगढ़ में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) के आह्वान पर शिक्षकों ने विरोध प्रदर्शन किया। खंड अध्यक्ष मनमोहन शर्मा के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन के बाद एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में शिक्षकों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी लंबे समय से लंबित समस्याओं के समाधान की मांग की गई। महासंघ ने आरोप लगाया कि समस्याओं के निरंतर अनदेखे रहने से प्रदेशभर के शिक्षकों में भारी रोष है।
खंड अध्यक्ष मनमोहन शर्मा ने कहा कि अधिकांश मांगों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। अधिकारियों की हठधर्मिता और उदासीन रवैये के कारण शिक्षक वर्ग लगातार परेशान है, जिसका सीधा असर शिक्षा व्यवस्था और विद्यार्थियों के हितों पर पड़ रहा है। ज्ञापन में प्रमुख मांगों में शिक्षकों के ग्रीष्मावकाश सहित सभी अवकाशों को यथावत रखने तथा किसी भी प्रकार की कटौती न करने की मांग शामिल है। वर्ष 2026-27 के लिए जारी शिविरा कैलेंडर में संशोधन की मांग भी उठाई गई। इसके साथ ही तृतीय श्रेणी शिक्षकों के लंबे समय से लंबित स्थानांतरण करने, वर्ष 2019 से कार्यरत संविदाकर्मियों को रिक्त पदों के अनुसार नियमित पदस्थापन देने की मांग की गई।
महासंघ ने आरजीएचएस को सुचारू रूप से लागू करने, शिक्षकों की वेतन विसंगतियां दूर करने और प्रोबेशन अवधि को वित्तीय लाभों से जोड़ने जैसे अहम मुद्दे भी रखे। वर्ष 2005 और 2008 में भर्ती शिक्षकों को विभागीय परीक्षाओं से मुक्त रखने, शारीरिक शिक्षकों की स्थायीकरण प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने तथा 2019 के बाद क्रमोन्नत विद्यालयों में सभी पदों की वित्तीय स्वीकृति जारी कर स्टाफिंग पैटर्न के अनुसार पदस्थापन करने की मांग भी शामिल रही।
सभा को खंड अध्यक्ष मनमोहन शर्मा, खंड मंत्री शौकत अली छींपा, संजय शर्मा, सुनील बिश्नोई और अतर सिंह ने संबोधित किया। ज्ञापन सौंपते समय खंड अध्यक्ष मनमोहन शर्मा, खंड मंत्री शौकत अली, दिनेश, अनिल महर्षि, प्रीतपाल, रविंदर, धीरेन्द्र, राकेश मटोरिया, केवल कृष्ण, नरेश कुमार, उदयवीर, रविंद्र, धीरेंद्र, सावित्र, शिवचन्द शर्मा, दीपक, जितेंद्र, उषा रानी, ममता, पूजा, पंकज गौड़ सहित संगठन के सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
महासंघ ने सरकार से शिक्षा, शिक्षक और विद्यार्थियों के हित में शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने का आग्रह किया है। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो शिक्षक वर्ग बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होगा क्योंकि जब कक्षा की आवाज़ अनसुनी हो, तो सड़क ही आख़िरी विकल्प रह जाती है।






