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आखिरकार वह घड़ी आ ही गई, जिसका ग्रामीण अंचल को बेसब्री से इंतजार था। खेत-खलिहानों की मेड़ों और गांव की चौपालों से लेकर शहर के राजनीतिक दफ्तरों तक अब केवल एक ही गूंज सुनाई दे रही है, पंचायतीराज चुनाव। प्रशासनिक मशीनरी ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं, तो वहीं राजनीतिक दलों के खेमों में टिकटों की बिसात बिछने लगी है। भाजपा और कांग्रेस सहित अन्य दलों के प्रभारी जमीनी स्तर से फीडबैक जुटाने में जुटे हैं, ताकि जिला परिषद और पंचायत समिति डायरेक्टर के पदों के लिए जिताऊ चेहरों पर दांव लगाया जा सके। बैठकों का दौर जारी है और टिकट वितरण की सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच चुकी है।
हनुमानगढ़ जिले में लोकतंत्र के इस स्थानीय उत्सव का रंग दो चरणों, तृतीय और चतुर्थ चरण में बिखरेगा। जिले की एक जिला परिषद, 10 पंचायत समितियों और 325 ग्राम पंचायतों के लिए चुनावी ढांचा तैयार कर लिया गया है। इस महामुकाबले में जिला परिषद के 37 सदस्यों, पंचायत समितियों के 208 सदस्यों और ग्राम पंचायतों में 3,385 वार्ड पंचों के भविष्य का फैसला मतदाता करेंगे।
गांव की सरकार चुनने के लिए जिले भर के 11,17,709 पंजीकृत मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 5,80,503 पुरुष और 5,37,168 महिला मतदाताओं के साथ 8 ट्रांसजेंडर मतदाता भी शामिल हैं। लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए जिले में 1,168 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। नोहर में सबसे अधिक 207 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जबकि रावतसर में सबसे कम 86 केंद्रों पर वोट डाले जाएंगे। शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने 73 संवेदनशील और 107 अति संवेदनशील मतदान केंद्र चिह्नित किए हैं। पूरी चुनावी व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए 10 पंचायत समितियों को 112 सेक्टरों में बांटा गया है।
जिला परिषद व पंचायत समिति, दो चरणों में तय होगा सियासी सफर
37 जिला परिषद सदस्यों के निर्वाचन के लिए नामांकन की शुरुआत 19 अक्टूबर 2026 से होगी। 23 अक्टूबर दोपहर 3 बजे तक पर्चे भरे जा सकेंगे। 24 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की संवीक्षा होगी और 26 अक्टूबर दोपहर 3 बजे तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। इसी दिन प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न आवंटित कर अंतिम सूची जारी कर दी जाएगी।
पंचायत समिति सदस्यों के 208 पदों के लिए चुनाव भी दो चरणों में आयोजित होंगे। तृतीय चरण में हनुमानगढ़ जंक्शन, पीलीबंगा, नोहर, पल्लू, भादरा और राजपुरा (8 बीएचडी) में नामांकन प्रक्रिया 19 से 23 अक्टूबर तक चलेगी। संवीक्षा 24 अक्टूबर व नाम वापसी 26 अक्टूबर को होगी। इस चरण के लिए मतदान 3 नवंबर को सुबह 7 से शाम 6 बजे तक होगा।
चुनाव के तहत चतुर्थ चरण में संगरिया, टिब्बी, रावतसर और हनुमानगढ़ टाउन में नामांकन प्रक्रिया 31 अक्टूबर से 4 नवंबर तक चलेगी। संवीक्षा 5 नवंबर व नाम वापसी 6 नवंबर को होगी। मतदान 14 नवंबर को सुबह 7 से शाम 6 बजे तक संपन्न होगा।
दोनों ही चरणों की मतगणना 20 नवंबर को सुबह 8 बजे से शुरू होगी। इसके बाद सत्ता के शीर्ष पदों के लिए जोड़-तोड़ की बारी आएगी। जिला प्रमुख का चुनाव 25 नवंबर और उप जिला प्रमुख का चुनाव 26 नवंबर को सुबह 10 बजे से होगा। वहीं, सभी 10 पंचायत समितियों के प्रधान पद का चुनाव 27 नवंबर और उप प्रधान का चुनाव 28 नवंबर को संपन्न होगा।
सरपंच व पंच चुनाव, मतपेटी से निकलेगा जनमत
गांव की सबसे बुनियादी कड़ी यानी ग्राम पंचायतों में मुकाबला बेहद दिलचस्प रहने वाला है। 325 ग्राम पंचायतों में सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव पारंपरिक मतपेटी के जरिए होंगे, जबकि जिला परिषद व पंचायत समिति के लिए मतदान ईवीएम से कराया जाएगा।
तृतीय चरण के तहत हनुमानगढ़ जंक्शन, पीलीबंगा, नोहर, पल्लू, भादरा व राजपुरा (8 बीएचडी) क्षेत्र के लिए लोक सूचना 19 अक्टूबर को जारी होगी। 4 नवंबर को सुबह 8 से 11 बजे तक नामांकन, 11.30 से 2 बजे तक संवीक्षा और तुरंत बाद नाम वापसी होगी। 5 नवंबर को सुबह 7 से शाम 6 बजे तक मतदान होगा। वोटिंग खत्म होते ही ग्राम पंचायत मुख्यालय पर मतगणना होगी, जबकि उपसरपंच का चुनाव 6 नवंबर को कराया जाएगा।
चतुर्थ चरण के दौरान संगरिया, टिब्बी, रावतसर और हनुमानगढ़ टाउन क्षेत्र के लिए लोक सूचना 31 अक्टूबर को जारी होगी। नामांकन 15 नवंबर को सुबह 8 से 11 बजे तक, संवीक्षा 11रू30 से 2 बजे तक और तुरंत बाद नाम वापसी होगी। 16 नवंबर को मतदान और उसके तुरंत बाद मतगणना होगी। उपसरपंच का चुनाव 17 नवंबर को होगा।
कड़े नियम और खर्च की सीमा तय
प्रशासन ने आचार संहिता और चुनाव प्रचार को लेकर कड़े नियम लागू किए हैं। वाहनों, लाउडस्पीकरों, होर्डिंग, कटआउट और पोस्टरों के प्रदर्शन पर सख्त नियंत्रण रहेगा। लाउडस्पीकर के प्रयोग के लिए सक्षम अधिकारी की लिखित अनुमति अनिवार्य होगी और रात्रि 10.00 बजे से प्रातः 6.00 बजे तक इसके प्रयोग पर पूर्ण पाबंदी रहेगी।
चुनावी फिजूलखर्ची रोकने के लिए खर्च की अधिकतम सीमा भी निर्धारित कर दी गई है। जिला परिषद सदस्य के लिए 3 लाख रुपये, पंचायत समिति सदस्य के लिए 1.50 लाख रुपये और सरपंच पद के प्रत्याशी के लिए अधिकतम 1 लाख रुपये की सीमा तय की गई है। रणभेरी बज चुकी है, अब देखना यह होगा कि चौपालों के इस दंगल में जनता किसके सिर ताज सजाती है।





