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हनुमानगढ़ जिले में पंचायत आम चुनाव-2026 की प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। लोकतंत्र के इस जमीनी पर्व को निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। इसी क्रम में जिला परिषद सदस्यों के निर्वाचन को लेकर नियुक्त अधिकारियों और कर्मचारियों का एक दिवसीय गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण शिविर में चुनावी प्रक्रिया से जुड़े कानूनी प्रावधानों, नामांकन पत्रों की प्राप्ति, उनकी सूक्ष्म जांच तथा अन्य महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं पर विस्तार से दिशा-निर्देश दिए गए।
यह महत्वपूर्ण प्रशिक्षण जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. खुशाल यादव की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने चुनावी कार्य में तैनात सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को पूरी सतर्कता और निष्पक्षता के साथ दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश दिए। डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि पंचायत चुनाव की रीढ़ नामांकन प्रक्रिया होती है, इसलिए किसी भी स्तर पर प्रक्रियागत चूक नहीं होनी चाहिए। सभी कार्मिक राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों और कानूनी प्रावधानों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करें ताकि पूरी चुनावी प्रक्रिया निर्बाध रूप से संपन्न हो सके।
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, आगामी 19 अक्टूबर को पंचायत चुनाव की लोक सूचना जारी की जाएगी। लोक सूचना जारी होते ही नामांकन पत्र दाखिल करने का सिलसिला विधिवत रूप से शुरू हो जाएगा। इसे देखते हुए प्रशासनिक स्तर पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते पूरी की जा रही हैं, ताकि उम्मीदवारों और चुनाव कर्मियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान मास्टर ट्रेनर महेंद्रपाल सिंह ने उपस्थित कार्मिकों को नामांकन प्रक्रिया की बारीकियों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि नामांकन पत्र प्राप्त करने से लेकर उनकी जांच (स्क्रूटनी) तक किन-किन नियमों का पालन करना अनिवार्य है। दस्तावेजों की प्रमाणिकता और विधिक औपचारिकताओं की गहन पड़ताल कैसे की जाए। यदि कोई अभ्यर्थी एक से अधिक नामांकन पत्र दाखिल करता है, तो उससे जुड़े नियमों और शर्तों का क्रियान्वयन किस प्रकार हो। नामांकन के समय जमा होने वाली प्रतिभूति राशि की प्राप्ति और उसके वापस किए जाने के नियमों की स्पष्ट जानकारी दी गई। अभ्यर्थियों द्वारा प्रस्तुत किए जाने वाले शपथ-पत्रों की जांच तथा यदि नामांकन पत्र में कोई प्रविष्टि अधूरी रह जाती है, तो उसके लिए विधिवत मेमो जारी करने के प्रावधानों से अवगत कराया गया।
प्रशिक्षण के दौरान संगरिया एसडीएम जय कौशिक ने व्यावहारिक पहलुओं पर चर्चा करते हुए बताया कि प्रक्रिया को त्रुटिरहित रखने के लिए प्रत्येक उम्मीदवार के लिए अलग परफॉर्मा तैयार किया जाना चाहिए। उन्होंने नामांकन पत्रों के साथ प्रस्तुत किए जाने वाले अनापत्ति प्रमाण-पत्र (नो ड्यूज सर्टिफिकेट) की अनिवार्यता और अन्य महत्वपूर्ण कानूनी दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया विस्तार से समझाई। इसके अतिरिक्त, नामांकन पत्रों की जांच के लिए तैनात कर्मचारियों और हेल्प डेस्क कार्मिकों को उनके कर्तव्यों का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया, जिससे मौके पर किसी प्रकार का संशय न रहे।
नामांकन प्रक्रिया को सुगम, त्वरित और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से जिला स्तर पर हेल्प डेस्क कार्मिकों के लिए एक विशेष चेकलिस्ट तैयार की गई है। इस चेकलिस्ट के माध्यम से कार्मिक यह सुनिश्चित कर सकेंगे कि अभ्यर्थी द्वारा प्रस्तुत किए गए सभी जरूरी दस्तावेज, शपथ-पत्र और औपचारिकताएं पूरी हैं या नहीं। चेकलिस्ट की मदद से दस्तावेजों के त्वरित सत्यापन में सहूलियत होगी और किसी भी प्रकार की मानवीय भूल की संभावना न्यूनतम रहेगी।
इस एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में जिला प्रशासन और निर्वाचन शाखा के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस दौरान निर्वाचन शाखा से जुड़े बलवीर सिंह, पवन वर्मा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं चुनाव ड्यूटी में प्रतिनियुक्त कार्मिक मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने संकल्प लिया कि वे आयोग की मंशा के अनुरूप शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और सुव्यवस्थित चुनाव संपन्न कराने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे।





